सैलाना नगर में पानी बचाने की शपथ से पहले ही नगर परिषद ने टैंकर से धुलवाई सड़क
जल संरक्षण के संदेश और जमीनी हकीकत में विरोधाभास, विधायक कमलेश्वर डोडियार ने उठाए सवाल। रावण दहन कार्यक्रम में दिलाई थी पानी बचाने की शपथ,अब सड़क धुलाई को लेकर उठे सवाल
रतलाम- (एमपी की खबर) एक ओर नगर परिषद पानी बचाने और जल संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए शपथ दिला रही है, वहीं दूसरी ओर नगर की सड़क को पानी के टैंकर से धुलवाने का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली और जल संरक्षण के प्रति उसकी गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नगर में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में लोगों को पानी बचाने की शपथ दिलाई गई थी। जल संरक्षण का संदेश देने के बाद सड़क की धुलाई के लिए टैंकर से पानी का उपयोग किए जाने को लेकर विरोधाभास की स्थिति सामने आई है। इस मामले में विधायक कमलेश्वर डोडियार ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब नगरवासियों को पानी की बचत करने और जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है, तो नगर परिषद को भी अपने कार्यों में पानी की बचत का ध्यान रखना चाहिए। जागरूकता का संदेश तभी प्रभावी होगा, जब जिम्मेदार संस्थाएं स्वयं भी उसका पालन करेंगी।
पानी जीवन के लिए अनमोल संसाधन है। विशेषकर ऐसे समय में, जब पानी की बचत और उसके विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है, तब सार्वजनिक कार्यों में पानी के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। केवल शपथ दिलाने और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने से जल संरक्षण का उद्देश्य पूरा नहीं होगा, बल्कि व्यवहार में भी इसे अपनाना होगा।
शपथ और व्यवहार में अंतर क्यों?
नगर परिषद द्वारा सड़क धुलवाने के लिए टैंकर से पानी का उपयोग किए जाने के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या सड़क की सफाई के लिए पानी की खपत कम करने वाले विकल्पों पर विचार नहीं किया जा सकता था? फिलहाल यह मामला नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि जल संरक्षण का संदेश देने वाली नगर परिषद अपने कार्यों में पानी की बचत को कितनी प्राथमिकता देती है।




