सरकार का विकास या ग्रामीणों का विनाश? खनन से परेशान नौगांवा कलां के ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट

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सरकार का विकास या ग्रामीणों का विनाश? खनन से परेशान नौगांवा कलां के ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट

सीटी रिपोर्टर मोहित शर्मा, एमपी की खबर रतलाम 

रतलाम- (Namli) नामली तहसील के ग्राम नौगांवा कलां के ग्रामीण मंगलवार को खनन से होने वाले कथित नुकसान और ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ती समस्याओं को लेकर रतलाम कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर एवं जिलाधीश के नाम आवेदन सौंपकर क्षेत्र में संचालित एवं लंबित खनन पट्टों को निरस्त करने तथा क्षेत्र को खनन मुक्त करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में डंपर सहित भारी वाहन गुजर रहे हैं। आवेदन में रॉयल्टी की जांच कराने की मांग करते हुए ग्रामीणों ने आशंका जताई कि बड़ी मात्रा में खनिज परिवहन होने के बावजूद रॉयल्टी की चोरी हो सकती है।

उन्होंने प्रशासन से गुजरने वाले डंपरों की रॉयल्टी और दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। पौधरोपण और जल संरक्षण कार्य प्रभावित होने का दावा ग्रामीणों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्र में करीब 50 लाख रुपये की लागत से मियावाकी परियोजना के तहत पौधरोपण किया गया था, लेकिन खनन गतिविधियों के कारण अधिकांश पौधों के नष्ट होने का आरोप लगाया गया है। इसी तरह ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में 50 लाख रुपये से अधिक की लागत से वाटरशेड परियोजना के तहत कंटूर, ट्रेंच और तालाब जैसी जल संरक्षण संरचनाएं बनाई गई थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन गतिविधियों के कारण इन संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।

मंदिर और भूजल को लेकर भी जताई चिंता आवेदन में ग्रामीणों ने पहाड़ी क्षेत्र में स्थित प्राचीन पंचायतन शैली के मंदिर को भी खनन से खतरा होने की बात कही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गिट्टी खदान में होने वाली लगातार ब्लास्टिंग के कारण मंदिर को क्षति पहुंच रही है। उन्होंने संबंधित खनन स्वीकृतियों और दस्तावेजों की जांच की मांग की है।
ग्रामीणों ने क्षेत्र को जल संकट की दृष्टि से गंभीर बताते हुए ब्लास्टिंग के कारण भूमिगत जल स्तर प्रभावित होने की आशंका भी जताई है। इसके अलावा गोचर भूमि को होने वाले नुकसान से पशुओं के लिए चारे की समस्या बढ़ने की बात आवेदन में कही गई है।

भारी वाहनों से स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा का मुद्दा ग्रामीणों ने गांव की घनी आबादी से होकर गुजरने वाले डंपर, पोकलेन और अन्य भारी वाहनों पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि इन वाहनों की आवाजाही के कारण स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्राम सभा के प्रस्ताव का हवाला ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि पूर्व में 20 आवेदनकर्ताओं को दी गई एनओसी को ग्राम सभा के ठहराव प्रस्ताव के माध्यम से निरस्त किया गया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर क्षेत्र में स्वीकृत एवं लंबित सभी खनन पट्टों की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि खनन गतिविधियों के कारण पर्यावरण, जल संरक्षण, धार्मिक स्थल, गोचर भूमि और ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर क्षेत्र में शांति बहाल करने और नौगांवा कलां को खनन मुक्त क्षेत्र बनाने की मांग की है।