सैलाना क्षैत्र के जंगलों में तेंदुए का वीडियो सामने आने के बाद अब वन विभाग ने सैलाना के पहाड़ी बंगला गांव के जंगलों में तेंदुए होने की कि पुष्टि

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सैलाना क्षैत्र के जंगलों में तेंदुए का वीडियो सामने आने के बाद अब वन विभाग ने सैलाना के पहाड़ी बंगला गांव के जंगलों में तेंदुए होने की कि पुष्टि

Mpkikhabar ब्यूरो चीफ कृष्णकांत मालवीय 

रतलाम- (sailana) सैलाना के जंगलों में एक बार फिर तेंदुए ने आदिवासी क्षेत्र में पालतू पशुओं को शिकार बनाया हैं। पूर्व में हमेशा तेंदुए के होने न होने की घटना से किनारा करने वाले वन विभाग को इस बार तेंदुआ होने की बात इसलिए स्वीकारने को विवश होना पड़ा क्योंकि एक आदिवासी युवक ने पहाड़ी क्षेत्र में टहलते हुए तेंदुए का वीडियो बना डाला। हिम्मत करके बने इस वीडियो के प्रकाश में आने के बाद वन विभाग ने अलर्ट जारी किया कि कोई भी रात में घर से बाहर न निकले। प्रभावित गांवों में बकरे,गाय, भैंस आदि घरों में ही बांधे जाए।

बीते दिनों दो घटनाएं प्रकाश में आई-

पहली घटना में 6 जून रात में करिया के पास पहाड़ी बंगला में एक कच्चे मकान के बाहर बंधे चार बकरे को तेंदुए ने अपना शिकार बनाया था। वन विभाग ने तब वन्य प्राणी या लकड़बग्घा होने की आशंका जताई थी। पहाड़ी बंगल निवासी सुखलाल पिता राज्या खराड़ी ने बताया कि इस दिन रात को घर के बाहर चार बकरा बंधे हुए थे। देर रात किसी अज्ञात जंगली जानवर ने हमला कर चारों बकरों को मार दिया। सुबह यह घटना तब प्रकाश में आई जब घर के लोग बाहर निकले और सभी बकरों के क्षत-विक्षत शव पड़े हुए देखे। घटना की जानकारी उसी समय वन विभाग को दे दी गई थी। वन विभाग ने मुआवजे का प्रकरण बनाकर शासन को भेज दिया था।

दूसरी घटना सैलाना-शिवगढ़ मार्ग स्थित देवरूण्डा गांव की है। बीते (15 जुन) सोमवार रात को इस गांव में कान्हा पिता कोदर देवदा के निवास के बाहर अज्ञात वन्य प्राणी ने फिर दो बकरों को अपना शिकार बनाया था। यह बात भी मंगलवार सुबह ही प्रकाश में आई थी। तब भी वन विभाग को सूचना दी गई थी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा बनाया एवं मुआवजा की कार्रवाई की थी। दरअसल करिया के पहाड़ी बंगला एवं शिवगढ़ के देवरूडा के आस- पास तेंदुए की चहलकदमी देखी जा रही है। आस-पास के गांव में तेंदुए के होने की पुष्टि होने के पश्चात भय व्याप्त है।

यूं हुई तेंदुए के होने की पुष्टि-

दरअसल अभी तक घटनाओं के पश्चात वन विभाग कभी तो तेंदुए के होने की और कभी लकड़बग्घा या कोई अन्य जीव होने की टालम- टोल करता रहा है। किंतु हाल ही में एक वीडियो प्रकाश में आ जाने के पश्चात अंततः वन विभाग को यह मानने के लिए बाध्य होना पड़ा कि इन क्षेत्रों में तेंदुआ ही स्वच्छंद विचरण कर रहा है जो कि ग्रामीणों एवं पशुओं के लिए घातक सिद्ध हो रहा है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी राधेश्याम जोशी ने बताया कि गांव ताराघाटी, पहाड़ी बंगला, डोकरीयाकुंड, रिछी एवं देवरूडा में मुनादी फिरवाकर ग्रामीणों को सचेत किया गया है कि दिन में भी बच्चों को अकेले जंगल में ना भेजें। फिलहाल जब तक कोई अच्छी खबर ना आ जाए तब तक पशुओं को व बकरों को चराने के लिए जंगल में ना भेजें। रात में भी बजाय अपने घरों के बाहर पशु बांधने के पशुओं को भी घरों के अंदर ही बांधे। खास तौर पर मुनादी फिरवाकर यह हिदायत दी गई कि बच्चों को अकेला भी ना छोड़े। जोशी ने बताया कि वन विभाग अपने स्तर पर पूरी तरह सचेत है एवं सुरक्षात्मक जो भी कदम उठाए जाने चाहिए वह उठाए जा रहे हैं। फिलहाल ग्रामीणों का सचेत होना जरूरी है।

पहाड़ी बंगला के ईश्वर पिता देवीलाल खराड़ी (20) पांच दिन पूर्व जब अपने खेत पर जा रहा था तो पहाड़ी में उसने तेंदुए को टहलते हुए देखा। उसने तुरंत तेंदुए का वीडियो बना लिया। यह वीडियो वन विभाग को भी दिया गया। तब से ही अब वन विभाग ने क्षेत्र में तेंदुए का होना स्वीकारना शुरू कर दिया है। इसी गांव के नारायण खराड़ी, फणेश्वर खराड़ी, सुखराम खराड़ी, मानसिंह खराड़ी, दिनेश भगोरा, आसाराम भगोरा, जितेंद्र निनामा आदि ने भी तेंदुए को देखा और उसके क्षेत्र में होने की पुष्टि की। वन परिक्षेत्र अधिकारी राधेश्याम जोशी ने यह भी बताया कि सभी ग्रामीणों को यह भी हिदायत दिए गई है कि वे तेंदुए से सीधे मुकाबले नहीं करें एवं वन विभाग को सूचित करें।

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