रतलाम: सैलाना में पटवारी रिश्वत लेते ट्रैप, 20 हजार रुपये के साथ पकड़ा गया

सैलाना में पटवारी को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त टीम द्वारा पकड़े जाने का दृश्य
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रतलाम: सैलाना में पटवारी रिश्वत लेते ट्रैप, 20 हजार रुपये लेते पकड़ा गया

लोकायुक्त उज्जैन की कार्रवाई, सीमांकन के नाम पर मांगी गई थी राशि

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar

रतलाम (मध्य प्रदेश): लोकायुक्त संगठन उज्जैन की टीम ने सैलाना तहसील में एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया। आरोपी को 20,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।


आवेदक और आरोपी का विवरण

आवेदक: जितेंद्र पाटीदार पिता ईश्वर लाल, निवासी ग्राम अडवानिया, तहसील सैलाना, जिला रतलाम

आरोपी: कैलाश Vadkhya, हल्का 26, तहसील सैलाना, जिला रतलाम

रिश्वत राशि: 20,000 रुपये


शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई

महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश एवं पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन आनन्द कुमार यादव के मार्गदर्शन में उज्जैन लोकायुक्त दल ने कार्रवाई की। आवेदक ने दिनांक 10/04/26 को लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई थी।


सीमांकन के लिए मांगे गए थे 30 हजार रुपये

शिकायत में बताया गया कि आवेदक के पिता ईश्वर लाल पाटीदार के नाम पर सैलाना एवं बागरियों की खेड़ी में लगभग 5 हेक्टेयर कृषि भूमि है। भूमि की वास्तविक स्थिति एवं सीमा जानने के लिए 22/01/26 को लोकसेवा केंद्र के माध्यम से सीमांकन हेतु आवेदन किया गया था।

सीमांकन नहीं होने पर आवेदक 09/03/26 को तहसील कार्यालय गया, जहां हल्का पटवारी ने फीस जमा कराने पर नपती होने की बात कही।

इसके बाद 09/04/26 को पटवारी कैलाश Vadkhya आवेदक के घर पहुंचा और सीमांकन के लिए 30,000 रुपये की मांग की।


राशि कम कर 20 हजार तय किए गए

आवेदक के निवेदन पर आरोपी ने 7,000 रुपये कम कर दिए थे। साथ ही 3,000 रुपये दिनांक 10/04/26 को पहले ही ले लिए गए थे।


नायब नाजिर कक्ष में ट्रैप

शिकायत की पुष्टि के बाद 16/04/26 को ट्रैप कार्रवाई की गई। तहसील सैलाना में नायब नाजिर कक्ष में आरोपी पटवारी को आवेदक से 20,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।


कार्रवाई में शामिल टीम

इस कार्रवाई में निरीक्षक राजेंद्र वर्मा, प्र. आर. हितेश ललावत, आर. विशाल रेशमिया, उमेश एवं श्याम शर्मा शामिल रहे।


स्थानीय प्रभाव

कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई को सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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