रतलाम में 2 अक्टूबर को नहीं होगा UPI से लेनदेन! व्यापारिक संगठनों ने किया आह्वान
रतलाम (मोहित शर्मा) 2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट UPI लेनदेन पर प्रस्तावित 0.40 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में रतलाम के विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने 2 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’ के रूप में विरोध दर्ज कराने का आह्वान किया है। संयुक्त व्यापारी संघ सहित शहर के विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने व्यापारियों से इस दिन व्यावसायिक लेनदेन में नकद भुगतान को प्राथमिकता देने और UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने की अपील की है।
व्यापारिक संगठनों के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के पात्र व्यक्ति-से-व्यापारी UPI लेनदेन पर 0.40 प्रतिशत MDR की व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होनी है। वहीं ₹2,000 तक के पात्र मर्चेंट UPI भुगतान और व्यक्ति-से-व्यक्ति UPI लेनदेन इस MDR के दायरे में नहीं हैं।
संयुक्त व्यापारी संघ के अध्यक्ष मनोज झालानी के साथ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कांतिलाल छाजेड़, संभागीय उद्योग संघ के अध्यक्ष संदीप व्यास, सर्राफा एसोसिएशन के झमक भरगट सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने अभियान को समर्थन देते हुए व्यापारियों और आमजन से सहयोग की अपील की है।
व्यापारियों का कहना है कि UPI भुगतान व्यवस्था का व्यापक रूप से उपयोग होने के बीच मर्चेंट पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से कारोबार की लागत प्रभावित हो सकती है। इसी के विरोध में 2 अक्टूबर को सांकेतिक रूप से UPI से लेनदेन नहीं करने का आह्वान किया गया है।
इस अभियान में सर्राफा, कपड़ा, प्रॉपर्टी, दाल मिल, पैथोलॉजी लैब, ग्रेन मर्चेंट, औषधि विक्रेता, किराना, डिस्पोजल, जनरल गुड्स, खाद-बीज, बिल्डिंग मटेरियल, नमकीन, मोबाइल-इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लाईवुड, टिंबर, इलेक्ट्रिकल, रेडीमेड, स्टेशनरी, ट्रांसपोर्ट, हार्डवेयर-लोहा, ऑटो पार्ट्स, बेकरी, होटल, फर्नीचर सहित शहर के विभिन्न व्यापारिक संगठन शामिल बताए गए हैं।
व्यापारिक संगठनों ने व्यापारियों से 2 अक्टूबर को अपने प्रतिष्ठानों पर UPI के बजाय नकद अथवा उपलब्ध अन्य भुगतान माध्यमों से लेनदेन करने और इस सांकेतिक विरोध को सफल बनाने की अपील की है।
हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर कुछ प्रमुख व्यापारी संगठनों ने वित्त मंत्री से मुलाकात के बाद 2 अक्टूबर के ‘नो UPI डे’ का अपना आह्वान वापस लेने की घोषणा की है। ऐसे में रतलाम में स्थानीय व्यापारिक संगठनों की ओर से कार्यक्रम को लेकर अंतिम स्थिति उनके स्थानीय निर्णय पर निर्भर रहेगी।




