सैलाना का शासकीय महाविद्यालय में राज्य आनंद संस्थान की प्रेरणादायी कार्यशाला किया आयोजित, रिश्तों में प्रेम और जीवन में आनंद का संचार
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम (Ratlam) जिले के सैलाना नगर के शासकीय महाविद्यालय में राज्य आनंद संस्थान द्वारा एक दिवसीय परिचय कार्यशाला का आयोजन उत्साह एवं भावपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यशाला में सी. एम. सी. एल. डी. पी. के 115 विद्यार्थियों ने सहभागिता कर जीवन को आनंदित, सरल एवं तनावमुक्त बनाने के सूत्र सीखे।
कार्यक्रम के शुभारंभ में प्राचार्य आर. एस. पाटीदार ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों को ईमानदारी एवं परिश्रम के साथ जीवन जीते हुए आनंदित रहने की प्रेरणा दी। जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय ने राज्य आनंद संस्थान के इस अभिनव कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि “अल्पविराम” जैसे कार्यक्रम युवाओं को मानसिक रूप से सशक्त बनाते हैं तथा कार्यक्षेत्र और परिवार दोनों में उत्साह, ऊर्जा एवं सकारात्मकता बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों को अपने जीवन में अपनाएं तथा दूसरों तक भी पहुंचाएं।
आनंद विभाग की जिला समन्वयक एवं मास्टर ट्रेनर सीमा अग्निहोत्री ने कहा कि “अल्पविराम अंतरात्मा की आवाज़ है जो मानसिक तनाव को कम कर जीवन में संतुलन और आनंद लाता है। उन्होंने कहा कि मदद का भाव व्यक्ति के भीतर कृतज्ञता को बढ़ाता है, जबकि क्षमा का भाव जीवन को सरल एवं सहज बनाता है। इस दौरान नेहा जैन, योगेश तंवर, चरित चौबीसा, नाथुलाल राठौड़ एवं पिंकी टेलर ने अपने जीवन में सहयोग करने वालों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। मास्टर ट्रेनर गिरीश सारस्वत ने जीवन में सुविधा, संबंध और समझ के बीच सामंजस्य स्थापित करने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि वास्तविक आनंद बाहरी साधनों से नहीं, बल्कि भीतर की संतुष्टि, प्रेम और आत्मीय संबंधों से प्राप्त होता है।
“रिश्ते” सत्र का संचालन मास्टर ट्रेनर पुष्पेंद्र सिंह सिसौदिया द्वारा किया गया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए रिश्तों में मधुरता, सहयोग, करुणा एवं क्षमा के महत्व को समझा तथा संकल्प लिया कि वे अपने रिश्तों को और अधिक मधुर बनाएंगे, लोगों को क्षमा करेंगे एवं आवश्यकता पड़ने पर स्वयं भी क्षमा मांगेंगे। मास्टर ट्रेनर मधु परिहार ने कहा कि “अल्पविराम केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वयं को समझने और जीवन को आनंदमय बनाने की एक सुंदर पहल है, जिसका प्रतिदिन अभ्यास किया जाना चाहिए।”
कार्यक्रम में पर्यावरण मित्र कृष्ण लाल शर्मा ने जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया। कार्यशाला में सामाजिक न्याय विभाग के विजय गणावा, सृष्टि समाज सेवा के सतीश टांक, विश्व कल्याण समिति के विक्रम शर्मा, भागीरथ रूरल अवेयरनेस थिंकर्स फाउंडेशन के हरीश सिलावट, जन अभियान परिषद सैलाना के परामर्शदाता दिनेश गहलोत, राजू निनामा, पीरुलाल, पवन पारगी एवं पंकज मईडा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक रतनलाल चरपोटा ने किया तथा अंत में अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।





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