सैलाना नगर में विजयादशमी पर कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के प्रतीकात्मक रावण पुतले का किया दहन
कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर उठाई आवाज, लोकतंत्र की मजबूती, मताधिकार की सुरक्षा और निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग
रतलाम (एमपी की खबर) सैलाना नगर में विजयादशमी के पर्व पर पूर्व विधायक एवं रतलाम जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष हर्ष विजय गेहलोत के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने निर्वाचन आयोग की भूमिका और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। गेहलोत के निवास स्थान पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रतीकात्मक रावण रूपी पुतले का दहन कर निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा उठाया गया।
हर्ष विजय गेहलोत ने अपने संदेश के माध्यम से दशहरे को अन्याय, असत्य और अधर्म के खिलाफ खड़े होने का प्रतीक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की रक्षा और जनता के मताधिकार की सुरक्षा के लिए आवाज उठाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विरोध को किसी व्यक्ति विशेष तक सीमित न बताते हुए इसे लोकतंत्र में जनता के विश्वास और उसके वोट की पवित्रता की रक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया।
‘जनता का वोट उसकी सबसे बड़ी ताकत’
गेहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट उसकी सबसे बड़ी ताकत है। निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर जनता का विश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सत्य और संविधान की राह पर संघर्ष जारी रहेगा। “आवाज उठाई है, आवाज उठाते रहेंगे।”
दशहरे के प्रतीकात्मक संदेश के साथ विरोध
कार्यक्रम में दशहरे पर बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीकात्मक संदेश को निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवालों के साथ जोड़ा गया। कांग्रेसजनों ने निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर अपनी आपत्तियां व्यक्त करते हुए चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।कांग्रेस की ओर से कहा गया कि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर जनता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। इस विश्वास को बनाए रखने के लिए निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।
लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प
हर्ष विजय गेहलोत के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने कथित वोट चोरी के मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश जनता के मताधिकार की सुरक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण तथा निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग रहा।विजयादशमी के अवसर पर सैलाना में आयोजित यह कार्यक्रम कांग्रेस के राजनीतिक विरोध के रूप में सामने आया, जिसमें हर्ष विजय गेहलोत ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आवाज उठाते रहने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस अवसर पर युवा नेता हनी गेहलोत, जगदीश पाटीदार, बद्रीलाल काग, हेमंत कुमावत, प्रदीप राठौर, अजय परिहार, राजेश पाटीदार, ईश्वर पाटीदार, दिपक पटेल, महेश सांवरिया देवेन्द्र सौलकी, कृष्णा पाटीदार सहित अनेकों कांग्रेसजन उपस्थित थे।




