भीषण गर्मी का कहर- पेड़ों की छांव में सुकून तलाशते नजर आए पशु

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भीषण गर्मी का कहर- पेड़ों की छांव में सुकून तलाशते नजर आए पशु

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम

रतलाम- (Ratlam) सैलाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे तापमान ने आमजन के साथ-साथ पशु-पक्षियों का जीवन भी प्रभावित कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी और चिलचिलाती धूप के कारण लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और केवल इक्का-दुक्का लोग ही नजर आते हैं। सुबह और शाम के समय बाजारों में अपेक्षाकृत अधिक भीड़ दिखाई देती है, क्योंकि लोग तेज धूप से बचने के लिए जरूरी काम उसी समय निपटा रहे हैं।

भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीव-जंतुओं के लिए भी यह मौसम काफी कष्टदायक साबित हो रहा है। तापमान में लगातार वृद्धि होने से पशु-पक्षी भी छांव और पानी की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहर के समय पशु खुले मैदानों में जाने के बजाय पेड़ों की छांव में बैठकर गर्मी से राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं।

ऐसा ही एक दृश्य गुरुवार को दोपहर अडवानीया, सकरावदा, खांखराकुडी सहीत बरडा गांव के क्षैत्रो में देखने को मिला। जहां कई पशु तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए एक बड़े पेड़ के नीचे बैठकर छांव का आनंद लेते दिखाई दिए। पशुओं की यह स्थिति साफ तौर पर दर्शाती है कि गर्मी का प्रकोप अब इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जानवरों पर भी भारी पड़ रहा है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस वर्ष गर्मी ने समय से पहले ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। दोपहर के समय लू जैसे हालात बन रहे हैं, जिससे लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल व्यवस्था और पशुओं के लिए पानी की उचित व्यवस्था किए जाने की मांग भी की है।

विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बढ़ता तापमान स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचना चाहिए तथा अधिक से अधिक पानी का सेवन करना चाहिए। वहीं पशु-पक्षियों के लिए भी घरों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था करना जरूरी है, ताकि उन्हें भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सके।

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