विधायक कमलेश्वर डोडियार की पहल: भील एकता मिशन संगठन की ‘लीगल सेल’ गठित, अब गरीबों को देगी निःशुल्क कानूनी सहायता
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम- (sailana) जयस भील एकता मिशन ने सामाजिक आंदोलन के साथ-साथ कानूनी सहायता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रत्येक जिले में ‘भील एकता मिशन लीगल सेल’ गठित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय संगठन के संस्थापक अध्यक्ष एवं सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया।
बैठक में बताया गया कि लीगल सेल के माध्यम से अधिवक्ताओं का एक समर्पित समूह गरीब, जरूरतमंद एवं प्रताड़ित लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगा। संगठन का उद्देश्य अन्याय और अत्याचार के खिलाफ कानूनी रूप से प्रभावी लड़ाई लड़ना तथा समाज के कमजोर वर्गों को न्याय दिलाना है।
रतलाम जिले में 8 अधिवक्ताओं की नियुक्ति-
लीगल सेल को सशक्त बनाने के लिए रतलाम जिला इकाई में आठ अधिवक्ताओं को विधि अधिकारी सह सलाहकार नियुक्त किया गया है। इनमें दिनेश गरवाल, बापूसिंह निनामा, कनेश निनामा, दशरथ वसुनिया, दीपिका भाभर, निर्मला डामर, बालाराम भाभर एवं राजू भूरिया शामिल हैं। यह टीम रतलाम जिला न्यायालय सहित अधीनस्थ न्यायालयों में जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करेगी।
अधिवक्ताओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण-
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने बताया कि लीगल सेल से जुड़े अधिवक्ताओं को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे पीड़ितों को प्रभावी कानूनी सहायता उपलब्ध करा सकें। उन्होंने कहा कि लीगल सेल के सदस्य न्यायालयों में पैरवी के साथ-साथ कानूनी जागरूकता अभियान भी चलाएंगे।
इन क्षेत्रों में मिलेगी कानूनी सहायता-
गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता, एफआईआर, बेल बॉन्ड एवं नोटिस तैयार कराने में सहयोग।
मानवाधिकार उल्लंघन एवं बंधुआ मजदूरी जैसे मामलों में जनहित याचिका (PIL) दायर करना।
कानूनी जागरूकता शिविर एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से अधिकारों की जानकारी देना।
कस्टोडियल टॉर्चर, अवैध हिरासत एवं अन्य गंभीर मामलों में कानूनी हस्तक्षेप।
पारिवारिक विवादों का मध्यस्थता से समाधान तथा पीड़ितों को सरकारी सहायता एवं मुआवजा दिलाने में सहयोग।
तीन मामलों में मिल चुकी है राहत-
संगठन के अनुसार लीगल टीम ने हाल ही में रतलाम जिले के तीन मामलों में पीड़ित परिवारों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई। इनमें रामपुरिया भीलान में शंभूसिंह गरवाल एवं उनकी पत्नी के साथ मारपीट, रायसिंह हटीला की कृषि भूमि पर अतिक्रमण तथा पलसोड़ी निवेश क्षेत्र में जीवन भाभर सहित ग्रामीणों से जुड़े मामलों में पैरवी कर राहत दिलाई गई। संगठन ने कहा कि आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा तथा जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।




