रतलाम के श्री कालिका माता: सदियों की आस्था के बीच फिर सजेगा नवरात्रि का दरबार, गरबों से गूंजेगा मंदिर परिसर
रील बनाने से पहले नियम जान लें! कालिका माता मंदिर में रीलबाजों के लिए चेतावनी
रतलाम। (मोहित शर्मा) शहर की धार्मिक पहचान से गहराई से जुड़ा श्री कालिका माता मंदिर एक बार फिर शारदीय नवरात्रि के रंग में रंगने जा रहा है। मां कालिका के इस प्रसिद्ध दरबार में हर वर्ष की तरह इस बार भी नवरात्रि महोत्सव श्रद्धा, परंपरा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। मंदिर में होने वाली पूजा-अर्चना से लेकर गरबा रास और विजयादशमी की शोभायात्रा तक, नवरात्रि के नौ दिनों में धार्मिक गतिविधियों की विशेष रौनक देखने को मिलेगी।
रतलाम के कालिका माता मंदिर की पहचान केवल एक धार्मिक स्थल के रूप में नहीं, बल्कि शहर की आस्था और धार्मिक परंपराओं के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में रही है। समय बदला, शहर का विस्तार हुआ और पीढ़ियां बदलती गईं, लेकिन मां कालिका के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था आज भी उसी तरह बनी हुई है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ इस आस्था की तस्वीर हर वर्ष सामने लाती है।
ब्रह्म मुहूर्त में खुलेगा मां का दरबार
इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर रविवार से होगी। नवरात्रि के पहले दिन सुबह करीब 4 बजे ब्रह्म मुहूर्त में मां कालिका माता की विशेष पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रारंभ होंगे। मंदिर के कपाट रात्रि 11 बजे तक खुले रहेंगे। नवरात्रि के दौरान सुबह से ही मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण रहेगा। विशेष रूप से बालिकाओं द्वारा होने वाला गरबा रास आयोजन का आकर्षण रहेगा। मंदिर परिसर में सुबह 4 से 6 बजे और शाम 7 से 9 बजे तक गरबा रास किया जाएगा।
गरबा में इस बार नियम होंगे सख्त। कालिका माता मंदिर में होने वाले गरबा रास के दौरान धार्मिक मर्यादा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने कुछ महत्वपूर्ण नियम तय किए हैं। मंदिर परिसर में निजी फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर और रील बनाने वालों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। गरबा आयोजन की कवरेज के लिए केवल मीडिया और न्यूज पोर्टल से जुड़े पत्रकारों को अनुमति दी जाएगी। यानी नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में होने वाली कवरेज को लेकर इस बार व्यवस्था पहले से निर्धारित रहेगी।
अष्टमी-नवमी एक ही दिन, खीर प्रसाद से शुरू होगा दिन
इस बार नवरात्रि में 19 अक्टूबर सोमवार को अष्टमी और नवमी की तिथि एक साथ रहेगी। इस दिन मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। सुबह गुलाल के साथ गरबा रास होगा, वहीं तड़के 4 बजे श्रद्धालुओं को खीर का प्रसाद वितरित किया जाएगा। इसके बाद सुबह 8 बजे महाअष्टमी हवन की शुरुआत होगी। धार्मिक अनुष्ठान के बाद पूर्णाहुति होगी। इस दिन मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में विशेष धार्मिक वातावरण रहने की उम्मीद है।
गरबा में शामिल होने के लिए पहले कराना होगा पंजीयन
मंदिर के गरबा रास में शामिल होने वाली महिलाओं और बालिकाओं के लिए पंजीयन की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है। पंजीयन 1 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 7 से 9 बजे के बीच झूलेलाल मंदिर हॉल में होगा। पंजीयन के समय आधार कार्ड और एक पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य रहेगा। गरबा रास में शामिल होने के लिए न्यूनतम आयु 5 वर्ष निर्धारित की गई है।
दशहरे पर निकलेगी मां कालिका की झांकी वाली राम रथयात्रा
नवरात्रि के बाद विजयादशमी का पर्व भी विशेष धार्मिक आयोजन के साथ मनाया जाएगा। 20 अक्टूबर मंगलवार को शाम 5 बजे नगर पालिका निगम परिसर से राम रथयात्रा निकलेगी। रथयात्रा में मां कालिका माता की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। नगर के विभिन्न मार्गों से होकर यह यात्रा रात करीब 9 बजे नेहरू स्टेडियम पहुंचेगी। यहां विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन किया जाएगा।
परंपरा से वर्तमान तक कायम है मां कालिका से जुड़ी आस्था
रतलाम के बदलते स्वरूप के बीच कालिका माता मंदिर की धार्मिक पहचान आज भी कायम है। पुरानी पीढ़ी के लिए यह स्थान आस्था और परंपरा का हिस्सा रहा है, तो नई पीढ़ी भी नवरात्रि और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से इससे जुड़ रही है। मंदिर में नवरात्रि के दौरान होने वाले आयोजन इसी निरंतरता की तस्वीर पेश करते हैं-एक ओर वर्षों पुरानी धार्मिक परंपराएं हैं तो दूसरी ओर वर्तमान समय के अनुरूप आयोजन की व्यवस्थाएं और नियम भी दिखाई देते हैं।
श्री कालिका माता सेवा मंडल ट्रस्ट के अध्यक्ष राजाराम मोतियानी, उपाध्यक्ष मोहनलाल भट्ट, सचिव हरीश कुमार बिंदल और कोषाध्यक्ष पूरणमल अग्रवाल ने श्रद्धालुओं और शहरवासियों से नवरात्रि के सभी धार्मिक आयोजनों में सहभागिता करने की अपील की है। इस नवरात्रि एक बार फिर कालिका माता का दरबार सजेगा, मंदिर परिसर में गरबों की गूंज सुनाई देगी और दशहरे पर मां कालिका की झांकी के साथ शहर धार्मिक उल्लास का साक्षी बनेगा।




