बाजना में सामाजिक विवाद गहराया, दो आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग

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बाजना में सामाजिक विवाद गहराया, दो आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग

कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल निर्माण को लेकर 25 अक्टूबर की बैठक का मामला; व्हाट्सएप संदेशों और निकाह विवाद से जुड़े आरोपों की जांच की मांग

रतलाम- (एमपी की खबर) बाजना में सामाजिक विवाद, कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल निर्माण और व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से लगाए जा रहे आरोपों को लेकर मामला प्रशासन तक पहुंच गया है। दो अलग-अलग आवेदनों के माध्यम से समाज के जिम्मेदार व्यक्तियों ने एसडीओपी लेखराज मीणा के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए निष्पक्ष जांच और राहत की मांग की है।

एक आवेदन समाज के नायब सदर हुसैन खान पठान ने प्रस्तुत किया, जिसमें व्हाट्सएप संदेशों के जरिए लगाए जा रहे आरोपों से मानसिक दबाव और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। वहीं, दूसरे आवेदन में फिरोज खान पठान ने निकाह से जुड़े पुराने विवाद और उसके संबंध में की जा रही शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल निर्माण को लेकर बैठक का मामला

हुसैन खान पठान द्वारा 28 अक्टूबर 2026 को दिए गए आवेदन के अनुसार, 25 अक्टूबर को नमाज-ए-ईशा के बाद समाजजनों की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक का उद्देश्य कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल के अधूरे निर्माण कार्य को पुनः प्रारंभ कराने तथा इससे जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करना था। आवेदक का कहना है कि बैठक समाजहित में आयोजित की गई थी और इसकी सूचना समाजजनों को दी गई थी।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि बैठक के बाद उनके व्हाट्सएप नंबर पर अन्य नंबरों से संदेश प्राप्त हो रहे हैं। आवेदक के अनुसार, संदेशों में उनसे जवाब मांगा जा रहा है तथा उनके और समाज के अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों में बैठक की सूचना नहीं देने, मोबाइल फोन छीनने, मस्जिद के सीसीटीवी कैमरे बंद करवाने, शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने और किसी व्यक्ति को समाज से बाहर करने जैसे आरोप शामिल होने की बात कही गई है।

हुसैन खान पठान ने आवेदन में इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि उनके द्वारा या उनकी ओर से किसी समाजजन का मोबाइल फोन नहीं छीना गया और न ही किसी पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया। उन्होंने बताया कि मस्जिद के सीसीटीवी कैमरे तकनीकी समस्या के कारण बंद होने की बात सामने आई है, जिनका सुधार कराया जाना है। आवेदक ने मांग की है कि व्हाट्सएप संदेशों के स्क्रीनशॉट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

निकाह विवाद और शिकायतों की जांच की मांग

दूसरे आवेदन में बाजना निवासी फिरोज खान पठान ने शहनाज बी, उनके पति आबिद मकरानी और उनके पुत्र मोनू मकरानी से जुड़े विवाद का उल्लेख किया है। आवेदन के अनुसार, फिरोज खान वर्ष 2004 से 2022 तक बाजना में मुस्लिम पंचायत के सामाजिक रूप से मनोनीत सदर रहे हैं। उन्होंने निकाह से संबंधित एक विवाद में निकाह की प्रक्रिया, संबंधित पक्ष की आयु तथा निकाहनामा में प्रविष्टि किए जाने को लेकर अपना पक्ष प्रस्तुत किया है।

फिरोज खान का दावा है कि संबंधित निकाह संपन्न नहीं हुआ था और निकाहनामा में भी उसकी प्रविष्टि नहीं की गई थी। उनका आरोप है कि इस मामले को लेकर उनके विरुद्ध लगातार शिकायतें की जा रही हैं और बार-बार बयान देने के लिए थाने बुलाए जाने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि विवाद से जुड़े दस्तावेजों, निकाहनामा के अभिलेखों और संबंधित पक्षों के बयानों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही, यदि जांच में शिकायतें असत्य पाई जाती हैं तो तथ्यों के आधार पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए।

निष्पक्ष जांच से स्थिति स्पष्ट करने की मांग

दोनों आवेदनों में अलग-अलग घटनाक्रमों के संबंध में निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच कराने का अनुरोध किया गया है। हुसैन खान पठान ने व्हाट्सएप संदेशों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की मांग की है। वहीं, फिरोज खान पठान ने निकाह विवाद और उससे संबंधित शिकायतों की जांच कर उचित राहत प्रदान करने का आग्रह किया है। एसडीओपी लेखराज मीणा ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

ये समाजजन रहे उपस्थित

आवेदन ज्ञापन प्रस्तुत करने के दौरान समाज सदर जफर खान पठान, वारिस खान मकरानी, फरीद मकरानी, फिरोज खान पठान, मोईन मंसूरी, आबिद खान संधि, इमरान मकरानी, लादेन मकरानी, हुसैन खान पठान, इदरीस खान पठान, सद्दाम खान सिंधी सहित अन्य समाजजन उपस्थित थे।