सैलाना का सांदीपनि शासकीय मॉडल स्कूल में राष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यक्रम का आयोजन हुआ सम्पन्न

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम- (Ratlam) राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बाल विवाह एक सामाजिक बुराई पर नाटक का प्रभावी मंचन। बालिकाएं किसी भी समाज और राष्ट्र का भविष्य होती हैं। इसलिए बालिकाओं का शिक्षित होना आवश्यक है। बालिकाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से पूर्ण स्वस्थ होना पहली प्राथमिकता है। क्योंकि वह परिवार और संस्कारों की धुरी होती है। इसलिए राष्ट्रीय बालिका दिवस पर हम राष्ट्र को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लें।
यदि हम चाहते हैं, समाज विकास की सीढ़ियां चढ़े तो इसके लिए आवश्यक है कि हम बाल विवाह कानून और बाल विवाह से होने वाले नुकसानों के प्रति समाज को जागरूक करें और इसमें विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ये विचार सांदीपनि शासकीय मॉडल स्कूल के प्राचार्य गिरीश सारस्वत ने विद्यालय में राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कही।
बाल विवाह एक मासूम बच्चे से उसका बचपन छीन लेता है। उसकी सभी कोमल भावनाएं और इच्छाएं इस सामाजिक बुराई की भेंट चढ़ जाती है। इन्हीं भावों और सामाजिक संदेश के साथ सांदीपनि शासकीय मॉडल स्कूल में कक्षा 7 के नन्हें विद्यार्थियों ने बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर आधारित नाटक का प्रभावी मंचन किया गया। नाटक के अंत में बाल विवाह अधिनियम के बारे में भी जानकारी दी गई और बाल विवाह मुक्त भारत के निर्माण की शपथ दिलवाई गई। इसके साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं का सम्मान भी किया गया। नाटक के मंचन में विधिक जागरूकता प्रभारी श्वेता नागर और ओजस क्लब प्रभारी योगेश परमार ने मार्गदर्शक की भूमिका निभाई।





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