पिपलोदा क्षेत्र में टीम की तत्परता, एक ही दिन में रोके गए तीन बाल विवाह
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम- (Ratlam) जिले के पिपलोदा परियोजना अंतर्गत तहसील पिपलोदा के वार्ड क्रमांक 9 करियामर एवं कालूखेडा लसूडिया में बाल विवाह संबंधी शिकायत चाइल्ड लाइन के माध्यम से प्राप्त हुई थी। शिकायत की जांच के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रामनिवास बुधोलिया के निर्देशन में सहायक संचालक एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी श्रीमती भारती डांगी के द्वारा दल का गठन किया गया एवं पुलिस विभाग के साथ मौके पर पहुंचकर बाल विवाह रुकवाया गया।
जांच के दौरान पिपलोदा तहसील के वार्ड क्रमांक 9 करियामर में टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की जहा पर 1 बालक और 1 बालिका के बाल विवाह की सूचना मिली। जहां बालिका के विवाह की तैयारी चल रही थी। जिसमें स्कॉलर रजिस्टर के आधार पर बालिका की उम्र 16 वर्ष पाई गई। समझाइश देने पर परिजनों ने आश्वासन दिया कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही किया जाएगा।
इसी क्षेत्र में एक बालक के विवाह की सूचना भी मिली। जांच में बालक की उम्र 16 वर्ष 10 माह पाई गई। टीम ने परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि बालक की वैधानिक विवाह आयु 21 वर्ष है। परिजनों से लिखित आश्वासन लिया गया कि वे निर्धारित आयु के बाद ही विवाह करेंगे। इसके पश्चात टीम द्वारा कालूखेड़ा लसूडिया में पहुंची, जहां बालिका के विवाह की तैयारी की जानकारी मिली थी।
मौके पर पहुंचे दल को बालिका के पिता ने बताया कि विवाह फिलहाल स्थगित कर दिया गया है और बालिका का विवाह 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही किया जाएगा। इस संबंध में मंदसौर जिले को भी सूचना भेजी गई है। टीम में सेक्टर सुपरवाइजर प्रेरणा चौहान, भारती सोनी, पुलिस विभाग से मनीष दीक्षित, एएसआई एवं महिला कांस्टेबल उपस्थिति थी।




