कांग्रेस सत्ता में आने के गैर वाजिब तरीके से कोसों दूर रहती हैं- पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम- (Ratlam) कांग्रेस की राष्ट्रीय नेता पूर्व सांसद तेलंगाना की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन का स्पष्ट मत हैं कि कांग्रेस सत्ता में आने के गैर वाजिब तरीके से कोसों दूर रहती हैं। हम बहुत ही सुनियोजित तरीके से गांव गांव जा कर जनता से जुड़ रहे हैं।
पूरे देश के 550 जिलों में रतलाम के जिलाध्यक्ष हर्ष विजय गेहलोत जैसे ऊर्जावान नेताओं को कांग्रेस ने जिला अध्यक्ष बनाया हैं। धार्मिक उन्माद, उद्योगपतियों से गलत सांठ-गांठ, विदेशी दबाव में झुक जाना, देश हित से समझौता कर लेना ये सभी अनैतिक कार्य कर सत्ता में आने के बजाय विपक्ष में रह कर देश हित को प्राथमिकता में रखना हमारे नेताओं का लक्ष्य हैं। आजाद हिंदुस्तान में किसी भी दल के तीन तीन नेताओं ने देश के लिए अपनी बलि नहीं दी होगी। महात्मा गांधी, इंदिरा और राजीव ने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। ऐसा कोई दल नहीं, जिसके नेताओं ने देश के लिए अपनी बलि दे दी हो, सिवाय कांग्रेस के।
ग्राम पंचायत तक मजबूती से कांग्रेस की सक्रियता-
जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्ष विजय गेहलोत के पेट्रोल पम्प पर गुरुवार सुबह वे मीडिया से चर्चा कर रही थी। एक सवाल के जवाब में मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस का संगठन जमीनी स्तर पर बहुत ही बेहतर तरीके से काम कर रहा हैं। आदिवासी अंचल में गांव गांव तक कांग्रेस का कार्यकर्ता बीजेपी की दोगली नीतियों का जवाब देने के लिए मौजूद हैं। सैलाना अंचल ही नहीं पूरे जिले में गेहलोत परिवार की छाप हैं। कांग्रेस गेहलोत के नेतृत्व में सार्थक दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही हैं। अगले चुनाव में कांग्रेस सत्ता में वापसी करेगी पर बिना किसी अनैतिक तरीके से।
विदेशी दबाव में झुक कर देशहित परे रखना हमें मंजूर नहीं-
उन्होंने एक सवाल के जवाब में ये भी कहा कि अडानी, अंबानी के हाथों खेलने वाली, अमेरिका के आगे झुक जाने वाली देशवासियों को जात- पात में बांटने वाली सरकारों से क्या उम्मीद की जा सकती हैं। कांग्रेस बिना किसी दबाव के सरकार चलाना जानती हैं। और कई दशकों तक सरकारें चलाई भी हैं। देश की आजादी और उन्नति में कांग्रेस का योगदान भुलाया नहीं जा सकता। इस समय हमे पुराना भाईचारा भी कायम करना हैं। राष्ट्र के अंतिम पंक्ति के अंतिम आदमी तक विकास की धारा पहुंचाने के लिए सरकारों पर दबाव भी बनाना हैं। कांग्रेस के हमारे नेता राहुल गांधी के सवालों के जवाब सरकार के मंत्रियों, नेताओं को नहीं मिल रहे हैं। हाल ही में संसद में उनके भाषणों को देशवासियों ने सराहा हैं।
विरोध के आगे झुकना पड़ेगा-
जनता की ताकत किसे कहते हैं, ये सरकारें अच्छी तरह से समझ ले। किसान विरोधी एक बिल को अन्ततः हरियाणा और पंजाब के किसानों के दबाव के कारण केन्द्र सरकार को वापस लेना ही पड़ा। इसे जनता की ताकत बोलते हैं। बस कांग्रेस जनता में यही जागृति पैदा कर रही हैं कि आपसे बड़ा कोई नहीं।
सेना पर टिप्पणी ठीक नहीं-
एक सवाल के जवाब में उन्होंने मंत्री विजय शाह का नाम लिए बगैर कहा कि हमारे देश की वीर सेना हरेक के लिए गर्व की बात हैं। सेना या सेना के किसी भी व्यक्ति पर अनर्गल टिप्पणी कतई जायज नहीं। कांग्रेस हर सैनिक का सम्मान करती हैं।
ये थे उपस्थित-
मीडिया से चर्चा के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत, पूर्व मंडी अध्यक्ष शेखर गेहलोत, दिलीप कुमावत, हेमन्त कुमावत, दिनेश सोनी आदि उपस्थित थे।
यहां से गांवों की ओर पहुंचा कांग्रेसी काफिला-
यहां से मीनाक्षी नटराजन, हर्ष विजय गेहलोत के साथ कांग्रेसी नेता कार्यकर्ता मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम के तहत ग्राम करिया पुन्याखेड़ी और मावता पहुंचे और वहां ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं से मनरेगा के संबंध में तथा अन्य ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा कर कांग्रेस की रीती नीति से अवगत कराया। नटराजन ने ग्रामीणों से कहा कि वर्तमान सरकारें घोर आदिवासी और ग्रामीणों की विरोधी हैं। समय आने पर इन सरकारों को उखाड़ फेंकना हैं।





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