अनजान नम्बर से आए फोटो, वीडियो एवं लिंक को नहीं खोले। भ्रामक सामग्री के बारे में सतर्क रहना आवश्यक

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अनजान नम्बर से आए फोटो, वीडियो एवं लिंक को नहीं खोले। भ्रामक सामग्री के बारे में सतर्क रहना आवश्यक

रतलाम- (Ratlam) भारत-पाक संघर्ष के चलते साइबर हमले का जोखिम बढ गया है। भारतीय शासकीय एजेंसिया, सैन्यकर्मी, संस्थान और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। व्हाटसएप, ईमेल और सोशल मीडिया प्लेटफोर्म के माध्यम से तेजी से फैल रही दुष्प्रचार सामग्री के बारे में सतर्क रहना आवश्यक है। इस सामग्री में भ्रामक वीडियो, इमेज तथा अन्य के माध्यम से भारत-पाक संघर्ष से संबंधित समाचार या अपडेड के रुप में फिशिंग ईमेल, फोटो, लागिन पैजेस और दुर्भावनापूर्ण अनुलग्न जैसी परिष्कृत रणनीति का उपयोग शामिल है।

साइबर अपराधी समाचार अथवा सूचनाओं से संबंधित विशेष अपडेट, संघर्ष से संबंधित कथन या लीक हुए फुटेज के बहाने दुष्प्रचार सामग्री प्रसारित की जा रही है, जिनमें मेलवेयर, स्पाइवेयर या फिशिंग वेबसाइट के लिंक होते हैं। यह सामग्री विभिन्न यूआरएल लिंक अथवा अज्ञात नम्बरों से भेजी नई तस्वीरों के रुप में भी हो सकती है जो कि व्हाट्सएप, टेलीग्राम तथा अन्य सोश्यल मीडिया प्लेटफोर्म के माध्यम से बडी सरलता से प्रेषित की जा सकती है।

दुष्प्रचार के रुप से तैयार की गई एपीके फाइल, इएक्सई फाइल और वीडियो फाइल/लिंक को व्हाट्सएप, ईमेल और अन्य सोश्यल मीडिया प्लेटफोर्म पर साझा किया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत संदेशों में फिशिंग लिंक एम्बेड करना जो विश्वसनीय स्त्रोतों या समूहों के समान प्रतीत होते हैं। वैध समाचार या सरकारी स्त्रोतों की तरह दिखने के लिए डिजाइन की गई इन फिशिंग वेबसाइट्स के माध्यम से व्यक्तिगत डेटा को चुराया जा सकता है। एप या टूल (जैसे लाइव वार अपडेट एप) के रुप में लेबल की गई एपीके फाइल का प्रसार किया जा रहा है। जिसके माध्यम से डेटा चुराना या डिवाइस को लाक करके फिरौती की मांग की जा सकती है। इसके अतिरिक्त टूल्स के माध्यम से बैंक खाते या सोशल मीडिया खाते आदि को भी हैक किया जा सकता है।

इस तरह की दुष्प्रचार सामग्री से बचने के लिए नागरिक कभी भी अनजान फोन नम्बर से भेजे गए वीडियो या ईमेज फाइल को ओपन न करें, भले ही ऐसी फाइल किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा फारवर्ड की गई हो, जिस पर आप भरोसा करते हैं। स्वयं भी ऐसे मैसेज को कभी किसी को या किसी समूह को फारवर्ड न करें। विवादित अपडेट या संवेदनशील फुटेज दिखाने का दावा करने वाले फारवर्ड किए गए लिंक को ओपन करने का प्रयास न करे।

व्हाट्सएप में बेहतर सुरक्षा के लिए आटो डाउनलोड को डिसेबल करें। अकाउंट हैक होने से बचने के लिए व्हाट्सएप एकाउंट सेटिंग में 2 स्टेप वेरीफिकेशन इनेबल करें। ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए ईमेल न खोले, खासकर वे जो भारत-पाक संघर्ष से संबंधित विषय वाले हों। अनचाहे ईमेल से आए अटैचमेंट को डाउनलोड करने या लिंक पर क्लिक कर ओपन करने से बचें। ईमेल एड्रेस की सावधानीपूर्वक जांच करें क्योंकि फिशिंग ईमेल भेजने के लिए साइबर अपराधी अक्सर असली जैसे दिखने वाले एड्रेस की नकल करते हैं।

भारत-पाक संघर्ष पर अपडेट या सूचनाएं जानने के लिए केवल सत्यापित समाचार चैनल और सोशल मीडिया हैंडल का ही उपयोग करें। संवेदनशील फर्जी समाचारों को फारवर्ड या डाउनलोड करने से बचने के लिए फेक्ट चेकर्स का उपयोग करें। विशेष रुप से संवेदनशील घटनाओं या सूचनाओं की असत्यापित सामग्री को शेयर करने से बचें। अधिकृत सरकारी वेबसाइटों और हैंडल के माध्यम से किसी भी ग्राफीक जानकारी को सत्यापित करें।

One thought on “अनजान नम्बर से आए फोटो, वीडियो एवं लिंक को नहीं खोले। भ्रामक सामग्री के बारे में सतर्क रहना आवश्यक”

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