रतलाम बसंत कॉलोनी में स्ट्रीट लाइट्स की खींचतान: नगर निगम vs विद्युत मंडल, अंधेरे में सांप-बिच्छू का खतरा! जनता परेशान, तत्काल समाधान की मांग।
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम- (Ratlam) रतलाम के उकाला रोड स्थित बसंत कॉलोनी बीते पाँच दिनों से अंधेरे में डूबी हुई है। स्ट्रीट लाइट बंद होने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन नगर निगम और विद्युत मंडल की आपसी जिम्मेदारी तय न होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। प्रकाश व्यवस्था ठप होने से पूरी कॉलोनी में असुरक्षा का माहौल है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम रतलाम के स्ट्रीट लाइट ठेकेदार द्वारा जिम्मेदारी विद्युत मंडल पर डाल दी जा रही है। वहीं विद्युत मंडल का तर्क है कि आवश्यक केबल उपलब्ध नहीं होने के कारण लाइट चालू करना संभव नहीं है। दोनों विभागों के बीच चल रही इस खींचतान का खामियाजा सीधे आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि विद्युत मंडल पैलेस चौकी का फोन नंबर या तो व्यस्त रहता है या फिर कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलता।
अंधेरे के कारण कॉलोनी की टूटी-फूटी सड़कों और गड्ढों से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। साथ ही कॉलोनी के समीप जंगल क्षेत्र होने के कारण सांप, बिच्छू व अन्य जहरीले जीवों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे नागरिकों की जान जोखिम में है। रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम केवल तब सक्रिय होता है। जब लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाते हैं, जबकि समय रहते समाधान नहीं किया जाता।
नगर निगम और विद्युत मंडल के बीच फंसी बसंत कॉलोनी की जनता आज सचमुच “दो पाटन के बीच फंसा” होने का दर्द झेल रही है। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र ही जिम्मेदारी तय कर स्ट्रीट लाइट चालू नहीं कराई गई, तो जनआक्रोश कभी भी उग्र रूप ले सकता है। प्रशासन से मांग है कि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल हस्तक्षेप कर अंधेरे में डूबी कॉलोनी को उजाले की सौगात दी जाए।





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