जिन शासन स्थापना दिवस महोत्सव: भव्य चल समारोह एवं धर्मसभा का आयोजन
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम- (Ratlam) सकल जैन श्री संघ एवं श्री जैन श्वेतांबर सोशल ग्रुप परिवार, सैलाना के तत्वावधान में जिन शासन स्थापना दिवस महोत्सव बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। नगर में सुबह से ही धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत नगर के छोटा जैन मंदिर से भव्य चल समारोह के रूप में हुई। शोभायात्रा में समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। पुरुष सफेद वस्त्रों में एवं महिलाएं आकर्षक परिधानों में सुसज्जित होकर भक्ति गीतों और जयघोष के साथ आगे बढ़ते रहे। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा एवं आरती कर स्वागत किया गया। चल समारोह नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ धर्म, अहिंसा और सद्भाव का संदेश देता हुआ आगे बढ़ा। शोभायात्रा का समापन जैन धर्मशाला में हुआ, जहां भव्य धर्मसभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में प.पू. आचार्य द्वारक सागरनन्दनसूरीश्वरजी महाराज, वचनसिद्ध प.पू. भगवंत नरेन्द्रसागरजी म.सा., मालव देश दीपक प.पू. मनोहर इन्द्रेशजी म.सा., प.पू. हेमचन्द्रजी म.सा. सहित प्रवचन प्रभाविका सौम्यदर्शीजी म.सा., अर्पिताश्रीजी म.सा., रश्मिताश्रीजी म.सा., समर्पिताश्रीजी म.सा., पंथश्रीजी म.सा. आदि ठाणा-5 के संतों का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ।
धर्मसभा में संतों द्वारा प्रेरक प्रवचन दिए गए। प्रवचन प्रभाविका प.पू. हेमचन्द्रजी म.सा. ने अपने उद्बोधन में जिन शासन के सिद्धांतों, अहिंसा के महत्व तथा चतुर्विध संघ की स्थापना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे जीवन में आचरण के रूप में अपनाना ही सच्ची साधना है। उन्होंने समाज को संयम, करुणा और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। अन्य साधु-साध्वियों ने भी धर्म की गूढ़ बातों को सरल भाषा में समझाते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन, महिलाएं, युवा एवं बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में सभी ने मानव कल्याण, सामाजिक समरसता एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए संकल्प लिया। समता, सद्भाव, सेवा और सहयोग के संदेश के साथ महोत्सव सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।




