18.98 लाख की मशीन खरीदी पर सियासत तेज, परिषद अध्यक्ष बोले – भुगतान हुआ ही नहीं तो घोटाला कैसा?

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18.98 लाख की मशीन खरीदी पर सियासत तेज, परिषद अध्यक्ष बोले – भुगतान हुआ ही नहीं तो घोटाला कैसा?

“बिना जांच रिपोर्ट के घोटाले के आरोप लगाना गलत, इससे पूरी परिषद की छवि धूमिल हो रही”- अध्यक्ष चेतन्य शुक्ला

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम, ब्यूरो चीफ कृष्णकांत मालवीय

रतलाम- (Ratlam) सैलाना विधानसभा क्षेत्र के क्षेत्रीय विधायक कमलेश्वर डोडियार ने सैलाना नगर परिषद में डी-स्लेजिंग मशीन व ट्रैक्टर खरीदी में लाखों रुपए के कथित घोटाले के लगाए गए आरोपों के बाद मंगलवार दोपहर नगर परिषद अध्यक्ष चेतन्य शुक्ला ने परिषद कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने विधायक के आरोपों को भ्रामक और तथ्यों से परे बताते हुए कहा कि जब अभी तक संबंधित कंपनी को भुगतान ही नहीं हुआ, तो फिर घोटाले का सवाल ही नहीं उठता।

अध्यक्ष शुक्ला ने कहा कि विधायक द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज पूर्व में ही उपलब्ध करा दिए गए थे और पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ की गई है। इसके बावजूद बिना किसी सक्षम जांच एजेंसी की रिपोर्ट के सीधे “घोटाला” कहना अनुचित है। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप केवल अध्यक्ष या अधिकारियों पर नहीं, बल्कि पूरी नगर परिषद की साख पर सवाल खड़े करते हैं, जिससे परिषद के जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों की भावना आहत हुई है।

जानकारी के अनुसार नगर परिषद ने 29 नवंबर 2024 को डी-स्लेजिंग मशीन सहित ट्रैक्टर वाहन खरीदने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद 26 दिसंबर 2024 को पीआईसी से प्रशासकीय स्वीकृति मिली तथा 2 जून 2025 को शासन से अनुमति प्राप्त हुई। अध्यक्ष शुक्ला ने बताया कि 6 जून 2025 को ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। प्राप्त 8 टेंडरों में से 6 को अपात्र घोषित किया गया, जबकि शेष दो में से हिन्द ट्रेडिंग कम्पनी का 18 लाख 98 हजार रुपए का टेंडर स्वीकृत किया गया और 3 नवंबर 2025 को कार्यादेश जारी हुआ।

कंपनी द्वारा 6 नवंबर 2025 को मशीन और ट्रैक्टर नगर परिषद को उपलब्ध करा दिए गए। इसके बाद 6 फरवरी 2026 को जावरा पॉलिटेक्निक कॉलेज के दो तकनीकी विशेषज्ञों से मशीन का भौतिक सत्यापन कराया गया। 9 मार्च 2026 को संतोषजनक तकनीकी रिपोर्ट भी प्राप्त हो गई।

अध्यक्ष शुक्ला ने बताया कि 13 मई 2026 को शासन द्वारा संयुक्त खाते में 17 लाख 10 हजार रुपए की राशि जमा कराई गई है, लेकिन अभी तक कंपनी को कोई भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि भुगतान की प्रक्रिया वरिष्ठ कार्यालय के माध्यम से पूरी की जाएगी और इसकी जानकारी विधायक को भी पहले ही दी जा चुकी थी।

पत्रकार वार्ता के दौरान अध्यक्ष शुक्ला ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब अब तक किसी प्रकार का भुगतान नहीं हुआ, तो आखिर घोटाले का आरोप किस आधार पर लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की शंका है तो सक्षम स्तर पर जांच कराई जा सकती है, लेकिन बिना जांच सीधे भ्रष्टाचार के आरोप लगाना उचित नहीं है।

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