इंदौर, 6 मार्च 2025: मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार (न्यूनतम वेतन), प्रदेश में 1 अक्टूबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक के लिए परिवर्तनीय महंगाई भत्ता पुनः लागू कर दिया गया है। इसका सीधा लाभ विभिन्न असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को मिलेगा।
क्या है नया आदेश?
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पूर्व में लागू न्यूनतम वेतन दरों को लेकर उच्च न्यायालय, खंडपीठ इंदौर में याचिका दायर की गई थी। इसके चलते 21 मई 2024 को इन वेतन दरों पर रोक लगाई गई थी। अब श्रम विभाग द्वारा 4 मार्च 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार, 1 अक्टूबर 2024 से पुनः परिवर्तनीय महंगाई भत्ता जोड़ा जाएगा।
महंगाई भत्ते की नई दरें
आदेश में बताया गया है कि जनवरी 2024 से जून 2024 तक अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर महंगाई भत्ता तय किया गया है।
- औसत CPI वृद्धि के अनुसार प्रति दिवस 87.50 रुपये का महंगाई भत्ता तय किया गया है।
- इसका मतलब है कि प्रति माह कुल 2,275 रुपये का अतिरिक्त वेतन मिलेगा।
श्रमिकों को कितना लाभ मिलेगा?
इस फैसले से प्रदेशभर के लाखों श्रमिकों को राहत मिलेगी, जिन्हें बीते कुछ महीनों से न्यूनतम वेतन पर महंगाई भत्ते का लाभ नहीं मिल रहा था। अब श्रमिकों को बढ़ी हुई राशि के साथ न्यूनतम वेतन मिलेगा, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
श्रमिक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे श्रमिक हित में लिया गया सही कदम बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि न्यूनतम वेतन में महंगाई भत्ता जोड़ने से श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उनका जीवन स्तर सुधरेगा।
नई वेतन दरें (अनुसूची-अ के अनुसार)

श्रमिकों को होगा बड़ा फायदा
इस नए संशोधन से सभी श्रेणी के श्रमिकों को न्यूनतम वेतन में वृद्धि का लाभ मिलेगा। परिवर्तनीय महंगाई भत्ते को जोड़ने के बाद श्रमिकों को ₹2275 प्रति माह का अतिरिक्त भुगतान मिलेगा, जिससे उनकी मासिक आय में वृद्धि होगी।
कब से होगा लागू?
यह संशोधित वेतन 1 अक्टूबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक लागू रहेगा। सभी उद्योगों को इन नई दरों के अनुसार श्रमिकों को भुगतान करना अनिवार्य होगा।
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