सैलाना प्रशासन को ना ही कोई लेना-देना, अनेकों बच्चों की मौत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन।

"जानकारी अच्छी लगी? इसे अपने दोस्तों से साझा करें।"

सैलाना प्रशासन को ना ही कोई लेना-देना, अनेकों बच्चों की मौत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन।

नगर में संचालित मेडिकल स्टोर्स की अभी तक नहीं हो पाई जांच। रतलाम जिला सहित अनेकों जगहो की मेडिकल स्टोर की संगम चेकिंग का अभियान चल रहा है।

Mpkikhabar (स्पेशल खबर) सह संपादक कृष्णकांत मालवीय, नितेश राठौड़ सैलाना।

रतलाम- (Ratlam) भला ही पूरे देश, प्रदेश में अवांछित कफ सिरप से हुई अनेक बच्चों को मौत का हड़कंप मचा हुआ हैं, पर लगता हैं सैलाना के प्रशासन को इससे कोई लेना देना ही नहीं हैं। रतलाम सहित कई जगह मेडिकल स्टोर्स की सघन चेकिंग का अभियान चल रहा हैं। पर सैलाना में प्रशासन ने शायद मान लिया है कि यहां के सभी मेडिकल स्टोर्स संचालक ईमानदार हैं, ओर जानलेवा कफ सिरप नहीं रखते हैं। एक प्रकार से बिना जांचे ही इन सभी को क्लीन चिट देने का मामला प्रतीत होता हैं।

आदिवासी अंचल में लापरवाही-

छिंदवाड़ा की घटना ने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया। इससे पूर्व कभी किसी दवा से एक साथ इतने मासूमों की मौत नहीं हुई। इधर रतलाम जिले में भी जानलेवा कफ सिरप की बरामदगी सहित दवाओं की दुकानों पर सघन निरीक्षण का कार्य जिम्मेदारों द्वारा शुरू हो गया।पर सैलाना में अभी भी शान्ति हैं। किसी एक भी मेडिकल स्टोर्स पर शासन का अमला देखा ही नहीं गया। और ये कोई पहला मामला नहीं हैं। सैलाना में कभी भी मेडिकल स्टोर्स की जांच होते नहीं देखी जाती है।

मौतों पर भी शासन मौन-

बीते दिनों सैलाना विकास खंड के सरवन के बंगाली डॉक्टरों के ईलाज से हुई मौतों के मामले में भी कोई बड़ी कार्यवाही नहीं हुई। अभी भी बेखौफ सैलाना, सरवन, शिवगढ़, रावटी आदि जगहों पर बिना डिग्री के इंजेक्शन सेंटर, ईलाज दवा बिक्री सब चल रहा हैं।

रतलाम से निपट कर सैलाना देखेंगे-

ड्रग इंस्पेक्टर बलराम चौधरी का कहना है कि अभी रतलाम में बड़े दवा केन्द्रों को जांचा जा रहा हैं। यहां से निपट कर फिर सैलाना देखते हैं। तो अब देखा जाएगा की क्या प्रशासन खबर चलने के बाद हरकत में आएगा। या सैलाना की प्रशासन को इस बात का कोई लेना-देना ही नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *