स्कूली बसों की जांच कर की गई कार्यवाही, 37 हजार समझौता शुल्क वसूल
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम- (Ratlam) जिला परिवहन अधिकारी जगदीश बिल्लौरे ने बताया कि कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मिशा सिंह के निर्देशानुसार 7 फरवरी को जिलें में स्थित स्कूलों में संचालित होने वाली बसों की चैकिंग की गई। जिसमें गुरुतेग बहादुर ऐकेंडमी, रतलाम में संचालित होने वाली स्कूल बसों की चैकिंग की गई। चैकिंग के दौरान स्पीड गवर्नर की जाँच वाहन का बोनट खुलवा कर की गयी एवं सभी वाहनों में स्पीड गवर्नर लगा पाया गया, वाहनों के अग्नीशमन यंत्र को भी चलवाया जाकर देखा गया जिसमें 2 स्कूल बसों में अग्नीशमन यंत्र उपलब्ध होना नही पाये गये। इस कारण से 02 वाहनों से समझौता शुल्क राशि रु 6000/- वसूल की गई।
स्कूल वाहनों में आपातकालीन खिड़की व दरवाजों की जाँच की गई, जिसमें 05 स्कूल बसों में आपातकालीन खिड़की व दरवाजे नट-बोल्ट से कसे पाये गये। जिससे आपातकालीन स्थिति में उनका प्रयोग किया जाना संभव नही था। इस कारण से 5 वाहनों से समझौता शुल्क राशि रु 15000 वसूल की गई । स्कूल वाहनों में सी.सी.टी.वी कैमरो को मोबाईल में चलवाया जाकर देखा गया जो कि कार्यरत पाये गये। 7 स्कूल बसों में जो कमिया पायी गई है उन्हें दुरस्त कराया जाकर वाहनों को 5 दिवस में भौतिक सत्यापन के लिए कार्यालय में पेश किये जाने के लिए आदेशित किया गया। साथ ही सृजन महाविद्यालय की 1 बस में कमी पाये जाने पर समझौता शुल्क राशि रु 16,000/- वसूल की गई। इस प्रकार कुल समझौता शुल्क राशि रु 37,000/- शासन के पक्ष में वसूल किये गये।
चैकिंग के दौरान समस्त स्कूल संचालकों को निर्देशित किया गया कि वह अपने स्कूल वाहनों का संचालन शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाईन जैसे वाहन का वैध बीमा, परमिट, फिटनेस, पी.यू.सी., चालक का वैध लायसेंस, अग्नीशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार पेटी, स्पीड गवर्नर, सी.सी.टी.वी. कैमरे, व्ही.एल.टी.डी., पैनिक बटन एवं आपातकालीन खिड़की व दरवाजे दुरस्त रख कर ही अपने स्कूल वाहन का संचालन करे। यदि कोई भी स्कूल वाहन नियमानुसार संचालित होना नही पाया जाता है तो उन स्कूली वाहनों के विरूद्ध मोटरयान अधिनियम 1988 में उल्लेखित प्रावधानों के तहत चालानी कार्यवाही की जाएगी




