भगवान की भक्ति के लिए बुढ़ापे का इंतजार ना करें। वर्तमान के युवाओं में जोश बहुत है, लेकिन होश नहीं है- पंडित शास्त्री

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भगवान की भक्ति के लिए बुढ़ापे का इंतजार ना करें। वर्तमान के युवाओं में जोश बहुत है, लेकिन होश नहीं है- पंडित शास्त्री

रतलाम- (Ratlam) जिले के सैलाना नगर के महालक्ष्मी गली स्थित माता रानी शीतला भवानी मंदिर निर्माण वर्षगांठ पर शुक्रवार रात शीतला माता मंदिर उत्सव समिति महिला मंडल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नानी बाई के मायरे के दूसरे दिन कथावाचन के दौरान पंडित ललित शास्त्री ने आज के युवाओं को धैर्य रखने की सलाह दी।

पंडित ललित शास्त्री ने पंडाल में मौजूद भक्त जनों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान की भक्ति के लिए बुढ़ापे का इंतजार न करें। वर्तमान के युवाओं में जोश बहुत है, लेकिन होश नहीं है। वर्तमान के युवा विपरीत परिस्थिति में बौखला जाते हैं। युवाओं को धैर्य बड़े बुजुर्ग के पास बैठने से ही मिलेगा। जब वर्तमान की युवा पीढ़ी अपने परिवार में बड़े बुजुर्ग के पास बैठेंगे, उस दौरान वो 10 बातें करेंगे। उसमें से 9 बात भले ही युवाओ के काम की न हो लेकिन आखरी बात अमृत समान होगी। इस बात को सुनने के लिए बाकी की 9 बातें सुननी होगी, धैर्य रखना सीखना होगा।

वर्तमान की युवा पीढ़ी में मशीन व फोन के बीच रहने से उनमें जल्दबाजी की आदत हो गई है। इसीलिए वर्तमान के युवाओं को न काम की फिक्र है, न रिश्तों की। परिवार में रिश्ते अच्छे होने चाहिए। सास व बहू के बीच रिश्ते अच्छे नहीं हैं, कभी बहू चिल्ला सकती है तब सास को धैर्य रखते हुए समझना होगा, कभी सास भी चिल्ला सकती है। तब बहू को समझना पड़ेगा। अगर दोनों में समझदारी रहेगी।

तभी परिवार मधुरता के साथ आगे बढ़ता रहेगा। ऐसे में परिवार के मुखिया को दोनों की समस्या जानने की कोशिश करनी चाहिए कि ऐसी दिक्कत क्यों आ रही है। कथा का समापन रविवार को होगा। इसी दौरान नानीबाई के मायरे में पंडीत ललितजी शास्त्री सहित समिति के सदस्य मौजूद रहे। वहीं, कथा के दौरान आरती के लाभार्थी नाथूलाल राठौड़ ने लेकर व्यास पीठ की पूजा-अर्चना की।

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