शिवगढ़ के सरकारी अस्पताल पर लापरवाही व रिश्वत का आरोप, धरने पर बैठे जिला पंचायत उपाध्यक्ष-केशू निनामा

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शिवगढ़ के सरकारी अस्पताल पर लापरवाही व रिश्वत का आरोप, धरने पर बैठे जिला पंचायत उपाध्यक्ष-केशू निनामा

सैलाना स्वास्थ्य केन्द्र में बड़ी कार्रवाई, अवैध वसूली और अभद्र व्यवहार की शिकायतों पर एएनएम-नर्स सस्पेंड।

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम, ब्यूरो चीफ कृष्णकांत मालवीय।

रतलाम- (Ratlam) जिले के शिवगढ़ में स्थित शासकीय अस्पताल (आरोग्यम, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में गंभीर लापरवाही और अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। ग्राम शिवगढ़ निवासी गंगा ने मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी, जिला रतलाम को शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि 1 जनवरी 2026 को में अपने बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बिना जांच किए एक कप सिरप (क्लोरफेनिरामाइन मेलिएट ड्रॉप्स) लिख दी।

घर पर दवा की दो बूंद पिलाने के बाद बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने डॉक्टर और नर्स पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की मांग की है। वहीं एक अन्य शिकायतकर्ता दिमाल ने आरोप लगाया कि बीती रात करीब तीन बजे प्रसव के लिए महिला को शिवगढ़ सरकारी अस्पताल लाया गया, जहां चपरासी द्वारा 300 रुपये और नर्स द्वारा 500 रुपये की अवैध वसूली की गई। इस मामले में भी दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।

इन गंभीर आरोपों को लेकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा ने शिवगढ़ गवर्नमेंट हॉस्पिटल में धरना दिया और स्वास्थ्य विभाग से जिम्मेदार कर्मचारियों को तत्काल हटाने एवं निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सैलाना स्वास्थ्य केन्द्र में बड़ी कार्रवाई, अवैध वसूली और अभद्र व्यवहार की शिकायतों पर एएनएम-नर्स सस्पेंड-

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शिवगढ़ में प्रसूति महिलाओं से अवैध वसूली और अभद्र व्यवहार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को कड़ी कार्रवाई की है। जिला पंचायत रतलाम के उपाध्यक्ष के भ्रमण के दौरान सामने आई शिकायतों के बाद विभाग हरकत में आया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शिवगढ़ में पदस्थ एएनएम सुमन यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में आरोप है कि उनके द्वारा प्रसूति महिलाओं से प्रसव कराने के लिए राशि की मांग की जाती है तथा महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। उन्हें तीन दिवस में स्पष्टी करण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

वहीं एक अन्य मामले में नर्सिंग ऑफिसर ज्योति सूर्यवंशी पर 26 दिसंबर 2025 को भर्ती महिला से प्रसव के दौरान ₹500 लेने, अपशब्द कहने, जांच न करने और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सकरावदा संलग्न कर दिया गया है। इसके अलावा आउटसोर्स एजेंसी की कर्मचारी मडी बाई को भी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शिवगढ़ से हटाने के आदेश जारी किए गए हैं। महिला द्वारा मीडिया के समक्ष शिकायत की गई थी कि प्रसव के दौरान उनसे 300 रूपये लिए गए और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। बताया गया कि उक्त कर्मचारी के खिलाफ पहले भी शिकायतें मिल चुकी थीं।

स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए डॉ. चेतन डामर एवं डॉ. साक्षी चौहान को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सैलाना में संलग्न करने का प्रस्ताव भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भेजा गया है। समस्त कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रतलाम के अनुमोदन के बाद की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसूति सेवाएं पूर्णतः निःशुल्क हैं और अवैध वसूली या दुर्व्यवहार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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