वरिष्ठ पत्रकार जगमोहन राठौड़ का निधन, लोगों ने दी नमः आखो से अंतिम विदाई
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम- (Ratlam) सैलाना प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार साप्ताहिक वनवासी पुकार के प्रधान संपादक जगमोहन राठौड़ का गत रात्रि इन्दौर के एक अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। 75 वर्षीय राठौड़ जनसंघ के जमाने से राजनीति में सक्रिय थे। आज क्षेत्र में बीजेपी जिस मुकाम पर हैं, उस मुकाम तक लाने में राठौड़ की भी अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बड़ी भूमिका रही। पत्रकारिता जगत के भी वे भीष्म पितामाह थे।
ये उनकी जीवन यात्रा-
1977 में आपातकाल के बाद राठौड़ ने अपने अनुज एडवोकेट कांतिलाल राठौड़ के साथ मिल कर जनसूत्र नाम का साप्ताहिक अखबार निकाला। बाद में 1979 में उस अखबार का नाम बदल कर वनवासी पुकार कर दिया। ये अखबार कुछ माह पूर्व ही बन्द हुआ। स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते अखबार की व्यवस्था नहीं देख पाने के कारण ये अखबार उन्हें बन्द करना पड़ा। इन्दौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार के भी वे बरसों तक क्षेत्रीय संवाददाता रहे। साप्ताहिक समाचारपत्र संचालक संघ में भी वे विभिन्न पदों पर रहे। राठौड़ के अनुज बंसीलाल,अनोखीलाल एवं संतोष राठौड़ भी उनके साथ समाचार पत्रों के व्यवस्था में जुटे रहे। कोई एक डेढ़ साल से बीमारी के कारण वे स्वास्थ्यलाभ ले रहे थे और सब काम छोड़ दिया था।
कई बड़े नेताओं के साथ उनका जीवंत सम्पर्क था-
प्रदेश के अनेक बड़े राजनेताओं से उनका जीवंत सम्पर्क था। राजनीति और पत्रकारिता में होने के कारण सम्पर्क के साथ ही बड़े नेताओं के साक्षात्कार भी आपने लिए और अखबारों में छापे। अनेक बड़े लोगों से नजदीकी के वावजूद राठौड़ ने कभी व्यक्तिगत तौर पर इस बात का लाभ नहीं उठाया। वे जीवन भर सहज,सरल और मिलनसार बने रहे। बैर तो उनका किसी से था ही नहीं। इसी कारण विरोधी पार्टी कांग्रेस के नेताओं से भी राठौड़ के रिश्ते अच्छे थे। 2014 से 2024 तक राठौड़ दस साल सैलाना प्रेस क्लब के अध्यक्ष भी रहे।
शोक की लहर-
शनिवार रात ही उनका शव इन्दौर से सैलाना लाया गया।उनके निधन की खबर मिलते ही सैलाना में शोक की लहर दौड़ गई। अनेक लोगों ने उनके निवास पर पहुंच कर शोक संवेदना व्यक्त की। राठौड़ की अंतिम यात्रा दोपहर साढ़े बारह बजे उनके निज निवास से निकली।




