सैलाना नगर में तीन दिवसीय नानीबाई का मायरा शुरू
रतलाम- (Ratlam) जिले के सैलाना नगर के महालक्ष्मी गली स्थित माता रानी शीतला भवानी मंदिर निर्माण वर्षगांठ पर गुरूवार रात शीतला माता मंदिर उत्सव समिति महिला मंडल द्वारा तीन दिवसीय नानीबाई का मायरा में वहीं ‘गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो, राधा रमण हरि गोविंद बोलो’ की मधुर स्वर लहरियों से गूंज उठा।
यहां कथावाचक ललित शास्त्री सांगाखेड़ा वाले के मुखारविंद से भक्त नरसिंह की लीलाओं पर प्रवचन हुए। वहीं ललित शास्त्री ने प्रसंग में समाज, संस्कृति और सनातन को जीवित रखने के लिए कई ज्ञानवर्धक जानकारियां दी। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को ईश्वर अनुसरण कर चलना होगा। आज की युवा पीढ़ी ईश्वर को भूलती जा रही है। बच्चों को ऐसे धार्मिक आयोजनों में साथ जरूर लाने की जरूरत है। ताकि युवा पीढ़ी संस्कारवान बने।
उन्होंने यह भी कहा बचपन की भक्ति में अपार शक्ति होती है। यह बुढ़ापे की चीज नहीं। मीरा बाई से लेकर ध्रुव व प्रह्लाद जी जैसे कई भक्त हुए, जो बचपन से ही भक्ति में लीन रहे। पंडित ललित शास्त्री गुरुवार को तीन दिवसीय ‘नानी बाई का मायराे’ के पहले दिन श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जीवन जीने की कला हमें शास्त्रों से सीखने को मिलती है। लेकिन हम कब सीखते हैं, जब जीवन खत्म होने वाला होता है। यानी जब हम बूढ़े हो चुके होते हैं। बचपन के भक्ति में सर्वाधिक शक्ति होती है। इसलिए बच्चों को भगवान की कहानियां व कथाएं सुनायें। इससे उन्हें शास्त्रों की जानकारी मिलेगी। आज हम घर में दीपावली या होली मनाते तो है, परंतु बच्चों को यह पता नहीं होता कि हम यह त्योहार क्यों मनाते है। उन्हें अपनी संस्कृति बताने की जरूरत है। तभी उनका आकर्षण बढ़ेगा। उनकी जिज्ञासाएं बढ़ेगी।




