अगले साल से शुरू होगा गढ़खंखाई माताजी का तीन दिवसीय भंडारा
रतलाम (Ratlam) शनिवार को श्री आत्मानंद सरस्वती ने गढ़खंखाई माताजी में की विशेष पूजा अर्चना नवरात्रि के पावन पर्व पर गुरु ने राजापुरा माताजी के मंदिर पहुंचकर पूजा की।
उसके पश्चात मंदिर के पुजारी परिवार द्वारा गुरु को श्रीफल फूल माला से स्वागत किया गया। गुरु को वहां तीन दिवसीय मेले के संबंध में दिनेश वाघेला द्वारा पूरी जानकारी दी व यहां चलने वाले भंडारे जो पिछले कुछ वर्षों से बंद हो गए। इस संबंध में गुरु से चर्चा की। गुरु नवरात्रि में चलने वाले भंडारे बंद होने का कारण पूछा तो बताया की वहा कि माता जी भक्तों व स्थानीय समितियां से चर्चा कर अगले वर्ष इस भंडारे को पुनः प्रारंभ करने का सार्थक प्रयास किया जाएगा।
गुरु ने कहा कि चैत्र नवरात्रि की जो सातम, आठम और नवमी को जो यहां माताजी का भंडारा में जो भी दानदाता दान देते हैं। उन्हें विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। क्योंकि इस माताजी के भंडारे में जो प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। वह हमारे आदिवासी भाई बहन व बच्चे होते हैं। वह अष्टमी पर आने वाले पैदल यात्रा करने वाले माता जी के भक्तों को इस प्रसादी का लाभ मिलता है। गुरु ने कहा कि सभी से मिलकर अगले वर्ष इस भोजन प्रसादी भंडारे को पुनः प्रारंभ करने का सार्थक प्रयास सभी से मिलकर किया जाएगा।
आज की पूजन में मंदिर समिति के पदाधिकारी व सदस्यों सहित दिनेश वाघेला, बाबूलाल सिसोदिया, श्यामा वाघेला, शकुंतला सिसोदिया भी उपस्थित रहे। जानकारी दिनेश वाघेला ने दी।





