म. प्र. जन अभियान परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर जिला रतलाम में स्वैच्छिकता पर्व का आयोजन
रतलाम- (Ratlam) म. प्र. जन अभियान परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर जिला रतलाम में ‘’ स्वैच्छिकता पर्व’’ का आयोजन पुराने कलेक्ट्रेट सभागृह रतलाम में कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा स्वामी विवेकांनद, भारत माता एवं माँ सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वल्लन कर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष लालाबाई चंद्रवंशी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायाधीश व सचिव नीरज पवैया, समाजसेवी व पर्यावरण विद अशोक पाटीदार, विशेष अतिथि गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक विवेक चौधरी, समाजसेवी कानसिंह चौहान, समाजसेवी गोंविद काकानी, समाजसेवी शंभुसिंह चंद्रवंशी, समाजसेवी राकेश मिश्रा कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला योजना अधिकारी बालकृष्ण पाटीदार के द्वारा कि गयी।
कार्यक्रम में उपस्थित जनों को स्वैच्छिकता की शपथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायाधीश व सचिव नीरज पवैया के द्वारा दिलाई गयी। समाजसेवी व पर्यावरण विद अशोक पाटीदार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का वाचन किया, समाजसेवी विवेक चौधरी के द्वारा उपमुख्यमंत्री जगदीश देवडा के संदेश का वाचन किया गया। कार्यक्रम में परिषद द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान पर आधारित शॉर्ट मूवी का प्रदर्शन भी किया गया तथा परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन नागर के वीडियों संदेश प्रसारण किया गया। अतिथियों का स्वागत पौधे भेंट कर किया गया तथा कार्यक्रम में जल गंगा संवर्धन पर उत्कृष्ट कार्य करने वालो को प्रमाण-पत्र दिए गए एवं “एक पेड़ माँ के नाम” कार्यक्रम के अंतर्गत पोधारोपण किया गया तथा पौधे भेंट किये गये।
परिषद के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय के द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा का वर्णन करते हुए बताया कि परिषद् का आज स्थापना दिवस है। स्वैच्छिकता पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। परिषद् की अवधारणा, योजना, स्ट्रक्चर, परिषद के कार्यो, आदर्श ग्राम की अवधारणा, आदि पर प्रकाश डाला। जिला पंचायत अध्यक्ष लालाबाई चंद्रवंशी ने म.प्र. जन अभियान परिषद के स्थापना दिवस पर शुभकानाएं दी।
न्यायधीश नीरज पवैया ने कहा कि रतलाम सोना, साडी, सेव के लियें प्रसिद्ध है परिषद कि सक्रियता से रतलाम की विशेषता में सेवा भी जुड जायेगा, सेवा का पथ समर्पण, परहित और स्वैच्छिकता का समागम है, लोक कल्याणकारी योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने में परिषद की महत्ती भूमिका है, साथ ही उन्होने जीवों की सेवा, पर्यावरण का संरक्षण, सबको न्याय, नशामुक्ति आदि विषयों पर भी प्रकाश डाला। समाजसेवी व पर्यावरण विद अशोक पाटीदार ने बताया कि परिषद के संस्थापक मां नर्मदा के अनन्य सेवक, पूर्व केंद्रीय मंत्री, श्रद्धेय अनिल माधव दवे ने कर्तव्य-परायणता के साथ जीवन जनसेवा को समर्पित कर दिया और सदैव नदियों, वनों और पर्यावरण के संरक्षण-संवर्धन के लिए नए प्रतिमान स्थापित कि किए उन्होने परिषद गठन कर प्रदेश में स्वेच्छिकता, सामूहिकता व स्वालंबन का वातावरण निर्माण किया गया उनका सम्पूर्ण जीवन सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए अथाह ऊर्जा का स्रोत है।
गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विवेक चौधरी ने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्र चेतना को वैश्विक मंच पर स्थापित करने वाले स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर नमन करते हुऐं कहा कि ना केवल भारतीय संस्कृति और वेदांत का पश्चिम में प्रचार किया बल्कि युवाओं में राष्ट्र भक्ति, आत्मविश्वास और सेवा की भावना जागृत की।।आपके विचार भावी पीढ़ी को सदैव राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे। परिषद के कार्यो से समाज में जनजागृति आई है।समाजसेवी कानसिंह चौहान, समाजसेवी गोंविद काकानी, समाजसेवी शंभुसिंह चंद्रवंशी, समाजसेवी राकेश मिश्रा ने भी संबोधित किया तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला योजना अधिकारी बालकृष्ण पाटीदार के ने कहा कि परिषद सरकार और समाज के बीच सेतु के रूप में कार्य कर रही है जिससे शासन के अभियानों में जनभागीदारी बढी है।
कार्यक्रम में जिले के विकासखण्ड समन्वयक मुकेश कटारिया, निर्मल अमलियार, शिवशंकर शर्मा, शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, रतनलाल चरपोटा, लेखापाल महावीरदास बैरागी, विजयेश राठौड, परमानंद सिसौदिया व प्रस्फुटन, नवांकुर व स्वैच्छिक संस्थाएं, परामर्शदाता, समाजसेवी, सीएमसीएलडीपी छात्र-छात्राओं व अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन परिषद के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय के द्वारा किया गया तथा आभार परिषद के विकासखण्ड समन्वयक शैलेन्द्र सिंह सोंलकी के द्वारा किया गया।




