रतलाम में विद्यार्थी परिषद का प्रांत अधिवेशन: राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगी भव्य शोभायात्रा

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम, सीटी रिपोर्टर मोहित शर्मा।
रतलाम- (Ratlam) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के तीन दिवसीय प्रांत अधिवेशन के दूसरे दिन सोमवार को रतलाम शहर राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। केसरिया साफा, हाथों में तिरंगा व केसरिया ध्वज और देशभक्ति नारों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे शहर का माहौल उत्सवमय बना दिया।
दोपहर करीब 4 बजे साइंस एंड आर्ट्स कॉलेज से प्रारंभ हुई शोभायात्रा में सबसे आगे डीजे पर देशभक्ति गीत गूंजते रहे। इसके पीछे अभाविप के राष्ट्रीय पदाधिकारी और फिर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं “स्टूडेंट पावर”, “ऐरो की ना गैरों की, एबीवीपी वीरों की” जैसे गगनभेदी नारों के साथ कदमताल करते नजर आए।
शोभायात्रा में शामिल विद्यार्थियों के हाथों में “भारत में भारत का ज्ञान जगाए जो स्वाभिमान”, “हम सब भारत मां के लाल”, “भेदभाव का कहा सवाल”, “गांव-गांव जाएंगे, सामाजिक समरसता लाएंगे” जैसे विचारोत्तेजक संदेशों वाली तख्तियां थीं। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर नागरिकों द्वारा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
स्वच्छता का भी दिया संदेश-
राष्ट्रभक्ति के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी शोभायात्रा में देखने को मिला। स्वागत समिति सदस्य गोविंद काकानी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंच के आगे-आगे सड़क की सफाई करते हुए स्वच्छता के प्रति जागरूकता का उदाहरण प्रस्तुत किया।
शोभायात्रा साइंस कॉलेज से नगर निगम तिराहा, महलवाड़ा, पैलेस रोड, डालूमोदी बाजार चौराहा, घास बाजार, चौमुखी पुल, चांदनी चौक, हरदेवलाला पिपली, बजाज खाना, गणेश देवरी होते हुए पुनः डालूमोदी बाजार से धानमंडी स्थित रानीजी के मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यहां अभाविप की ओर से खुला मंच कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आदिवासी संस्कृति बनी आकर्षण का केंद्र-
अधिवेशन में प्रांत के 22 संगठनात्मक जिलों से आए छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने जिलों के बैनर के साथ सहभागिता की। विशेष रूप से झाबुआ से आए छात्र-छात्राएं आदिवासी ढोल की थाप पर नृत्य करते हुए शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण बने और आदिवासी संस्कृति की सजीव झलक प्रस्तुत की।




