नववर्ष पर सायबर धोखाधड़ी रहे सावधान

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नववर्ष पर सायबर धोखाधड़ी रहे सावधान

30/Dec/2024

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम 

रतलाम (Ratlam,mp)- सायबर ठगी के नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने के बढ़ते मामलो को देखते हुए रतलाम जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा के मार्ग दर्शन में रतलाम की सायबर क्राइम सेल टीम द्वारा आम लोगो को सायबर ठगी ने नए-नए तरीकों के प्रति आम लोगो को जागरूक करने के उद्देश्य से सायबर अपराधों के तरीके और उनसे बचने के उपाय के बारे में समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जा रही है। आगामी नववर्ष पर सायबर फ्रॉडस्टर्स शुभकामना संदेशों के माध्यम से धोखाधड़ी कर रहे है। इससे बचने के लिए एडवाइजरी जारी की जा रही है। नववर्ष के समय लोगों को शुभकामना संदेशों और ऑफरों के माध्यम से सायबर धोखाधड़ी हो रही है। फ्राॅडस्टर्स अनजान नंबर्स से व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में माध्यम शुभकामना संदेशों के साथ लिंक अटैच कर या कोई फाइल अटैच कर भेजते है। जिन पर क्लिक करने से आपके फोन का एक्सेस सायबर अपराधियों के पास चला जाता है और आपके साथ वित्तीय धोखाधड़ी हो सकती है। नववर्ष ऑफर के नाम पर सोशल मीडिया आदि पर दिए गए। विज्ञापन पर भरोसा नहीं करे और ना ही विज्ञापन में दिए गए लिंक, मोबाइल नंबर्स, वेबसाइट्स पर कोई जानकारी शेयर करे। ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर फर्जी वेबसाइट पर भी कोई जानकारी नहीं दे ना ही इस तरह की वेबसाइट्स से कोई बुकिंग करे। होटल आदि की बुकिंग के लिए भी प्रमाणित वेबसाइट्स एवं मोबाइल नंबर्स पर ही बुकिंग करे।

सायबर धोखाधड़ी से बचाव व सावधानियों का करे पालन-

अनजान नंबरों या अज्ञात ईमेल पतों से प्राप्त संदेशों में शामिल लिंक पर क्लिक न करें। संदिग्ध लिंक के माध्यम से व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी न दें। फ्री गिफ्ट, लकी ड्रा या कैशबैक जैसे ऑफर में धोखाधड़ी हो सकती है। केवल प्रमाणित वेबसाइट या प्लेटफ़ॉर्म से ऑफर का लाभ ही उठाएं।कॉल, ईमेल, या संदेश के माध्यम से कोई भी बैंक डिटेल, पासवर्ड, OTP, या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें। बैंक और अन्य संस्थाएं ऐसी जानकारी कभी नहीं मांगती है। सोशल मीडिया पर अनजान प्रोफाइल से प्राप्त संदेशों को अनदेखा करें। सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऑफर्स पर विश्वास न करे।शुभकामना संदेशों के साथ जुड़ी Apk फाइल ओपन न करे। Apk फाइल इंस्टॉल करने से आपके फोन का एक्सेस सायबर अपराधियों के पास जा सकता है। केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें। संदिग्ध या अनुमति मांगने वाले ऐप्स को इंस्टॉल करने से बचें।
होटल बस आदि की बुकिंग के लिए सायबर अपराधियों द्वारा फर्जी वेबसाइट्स बना रखी है। जिनके माध्यम से बुकिंग करने पर सायबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाते है। बुकिंग करने से पहले वेबसाइट्स एवं दिए गए मोबाइल नंबर की सत्यता की जानकारी प्राप्त करने के बाद ही बुकिंग करे।
नव वर्ष पर किसी भी प्रकार के ऑफर का लाभ उठाने के लिए प्रमाणित ई कॉमर्स वेबसाइट्स का ही उपयोग करे। अनजान वेबसाइट्स से कोई भी खरीददारी नहीं करे।यदि आपको संदेह होता है कि आप किसी धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं, तो तुरंत संबंधित थाना या सायबर अपराध शाखा से संपर्क करें। 1930 (सायबर धोखाधड़ी हेल्पलाइन) पर कॉल करें। साथ ही इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। तकनीकी सतर्कता और जागरूकता से सायबर धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।

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