रतलाम कला मंच की प्रतियोगिता परीक्षा परिणाम घोषित कर मनाया विजय उत्सव

सामान्य ज्ञान प्रतिस्पर्धा के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम, सीटी रिपोर्टर मोहित शर्मा
रतलाम- (Ratlam) नगर की सुप्रसिद्ध संस्था कला मंच द्वारा स्व. डॉ. जयकुमार जलज स्मृति सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता ज्ञान श्री का पुरस्कार वितरण समारोह धूम-धाम से और गीत संगीत की गरिमामय प्रस्तुतियों के बीच सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर के प्रथम नागरिक महापौर प्रह्लाद पटेल रहे साथ ही समाजसेवी सुभाष जैन, प्रेमलता दवे एवं अनिल झालानी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यर्पण कर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। नन्ही बालिका सौम्या पनालकर द्वारा सुमधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। स्वागत श्रृंखला में अतिथियों का स्वागत परामर्शदाता डॉ. सुलोचना शर्मा, डॉ गोपाल मज़ावदिया, संस्था अध्यक्ष राजेंद्र चतुर्वेदी द्वारा किया गया। संस्था पदाधिकारी अजय चौहान, किरण उपाध्याय, नीलिमा छवि सिंह, शरद चतुर्वेदी, सौम्या भावसार, सिमरनजीत कौर, महेश ओझा, अरुण शर्मा, मनोज भावसार, नरेंद्र त्रिवेदी, प्रोफेसर वी के जैन, विवेक शर्मा, शीतल पांचाल, दीपिका सोढा, खुशबू सोढा द्वारा किया गया।
अतिथि एवं संस्था परिचय अध्यक्ष राजेन्द्र चतुर्वेदी द्वारा दिया गया। डॉ. जलज को याद करते हुए बताया कि लगभग 35 साल पूर्व जलज सर के मार्ग दर्शन में सामान्य ज्ञान स्पर्धा की शुरुआत की गई थी। उद्देश्य था विद्यार्थियों एवं आमजन को सामान्य ज्ञान के महत्व के प्रति जागरूक करना और भविष्य में विद्यार्थियों को पी एस सी, यू पी एस सी, बैंक, रेलवे जैसी महत्व पूर्ण सर्विसेस के लिए तैयार किया सके। मुख्य अतिथि प्रह्लाद पटेल द्वारा अपने ओजस्वी उदबोधन में विद्यार्थियों को अपने उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने के लिए कड़े परिश्रम करने और जीवन मे सामान्य ज्ञान के महत्व को समझाते हुए रतलाम कला मंच के इन प्रयासों की भूरी भूरी प्रशंसा भी की। इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायी फिल्मी गीत यूं ही कट जाएगा सफर साथ चलने से भी प्रस्तुत किया।
विशिष्ट अतिथि सुभाष जैन ने कहा कि सभी को अपने जीवन मे एक लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसे पूर्ण करने के लिए एक दैनिक कार्य प्रणाली का सिस्टम विकसित करना चाहिए आपने नई पीढ़ी से अपने संस्कारों से जुड़े रहने का भी आह्वान किया। विशेष अतिथि के रूप में बोलते हुए प्रेमलता दवे ने सभी विजेता प्रतियोगियों को अपनी ओर से बधाई दी और जो इस बार स्थान नहीं बना सके हैं। उन्हें ओर अधिक प्रयास करने की सलाह दी। संस्था के सामान्य ज्ञान कार्यक्रम को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए नींव का पत्थर बताया।
विशिष्ट अतिथि अनिल झालानी ने अपने उदबोधन में बताया कि आज के कड़ी प्रतिस्पर्धा के युग मे सिर्फ किताबी ज्ञान के सहारे ही सफलता अर्जित नहीं की जा सकती उसके लिए हमें अपने आस पास, देश विदेश में क्या घटित हो रहा है। उस की जानकारी रखना भी जरूरी है। संस्था आपको इसी दिशा में ले जाने का भागीरथ प्रयास कर रही है। साथ ही आपने विजेताओं को बधाई और भाग लेने वाले प्रतियोगियों को शुभकामनाएं प्रेषित की। महापौर एवं सभी अतिथियों द्वारा प्रतियोगिता में विजेता प्रतियोगियों को विभिन्न पुरस्कार एवं सम्मान पत्र प्रदान किये गए।
जूनियर, सीनियर, ओपन वर्ग के प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार के अतिरिक्त प्रत्येक वर्ग के 10-10 प्रतियोगियों को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किये गए तथा उपस्थित समस्त दर्शकों में से लकी ड्रा के माध्यम से 10 लकी विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर तीनों वर्ग के प्रथम पुरस्कार विजेताऔ को डॉ. जयकुमार जलज की स्मृति में ज्ञानश्री की उपाधि साफा पहनाकर प्रदान की गई तथा उनकी दोनों पुत्रियों श्रद्धा घाटे एवं स्मिता हुम्बड की ओर से 2100-2100 रुपए के नकद पुरस्कार भी प्रदान किये गए। तत्पश्चात संस्था को सहयोग प्रदान करने वाले सहयोगियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
मंच पर अपनी शानदार प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लेने वाले कलाकारों कु.सौम्या पलानकर, मोहित शर्मा, अशोक दुबे एवं शीतल पांचाल के मार्ग दर्शन में उत्क्रष्ट तलवारबाजी कला प्रदर्शन के लिए पूरी टीम को पुरस्कृत किया गया। अतिथियों को स्नेह प्रतीक संस्था परामर्शदाता, संस्था अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों द्वारा प्रदान किये गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतियोगी उनके अभिभावक, विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी, शिक्षक, प्राचार्य एवं आम जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन शरद चतुर्वेदी ने एवं आभार प्रदर्शन किरण उपाध्याय द्वारा किया गया।




