रतलाम एसपी कार्यालय में गहलोत परिवार की बोली बहू- मेरे ससुराल वालो ने मुझ से 50 लाख रुपए दहेज की करी मांग‌। पिडित बहु ने ससुराल वालो पर लगाए कई गम्भीर आरोप

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रतलाम एसपी कार्यालय में गहलोत परिवार की बोली बहू- मेरे ससुराल वालो ने मुझ से 50 लाख रुपए दहेज की करी मांग‌। पिडित बहु ने ससुराल वालो पर लगाए कई गम्भीर आरोप

कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत के पोते व पुर्व विधायक जितेंद्र गहलोत के बेटे पर लगाए दहेज प्रताड़ना के आरोप

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम

रतलाम- ( Ratlam) साहब मेरे ससुराल वाले बड़े लोग हैं। फिर भी मुझ से लाखों रूपए के दहेज की मांग कर रहे हैं। पिडित बहु ने कहा कि मैं 50 लाख रुपए कहां से लेकर आऊं। ससुराल वालो ने मुझ से मेरी बेटी को छीन कर मेरे साथ जान से मारने की कोशिश करते हुए मुझे छत से धक्का दिया। जिससे मुझे कई गम्भीर चोटे आई है।

मंगलवार को रतलाम जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जन सुनवाई के दौरान आलोट विधानसभा के पूर्व विधायक जितेंद्र गहलोत की पुत्र वधू दिव्या गहलोत ने अपने पति देवेंद्र गहलोत, देवर विशाल गहलोत और ससुर जितेंद्र गहलोत के साथ दादी सांस अनिता गहलोत पर मारपीट, दहेज के लिए प्रताड़ित करने और छत से धक्का देकर मारने के प्रयास के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित बहू दिव्या गहलोत ने मंगलवार को जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार को आरोपो से जुड़ी तीन पन्नो का एक पत्र देखकर कार्रवाई की मांग की है। और कहां की मुझे न्याय दिलाया जाए।

पिडीत बहु ने एसपी कुमार को सौपा पत्र-

रतलाम जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार को सौपे पत्र में दिव्या ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में देवेंद्र गहलोत के साथ मेरा विवाह हुआ था। दिव्या के अनुसार उनके साथ धोखे से यह विवाह किया गया था। क्योंकि जब शादी के बाद मैं ससुराल पहुंची तो पति देवेंद्र शराब के आदी होकर कई महिलाओं से बात करता हुआ पाया गया। शादी के कुछ दिन बाद से ही मुझ से 50 लाख रुपए दहेज की मांग करने लगे। इसके बाद आए दिन मारपीट करते हुए पैसों की मांग करते रहे। वह मायके आ गई तो सन् 2019 में राजीनामा करके वापस ले गए। फिर सन् 2021 में जब मै गर्भवती हुई तो मुझे आशा बंधी कि बच्चा होने से यह सब नहीं होगा। लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। इनका क्रूर्ता का व्यवहार जारी रहा। इसी वर्ष 26 जनवरी को उसके साथ झगड़ा करके लात से मारपीट की ओर जान से मारने की नीयत से छत से धक्का दे दिया। वह गैलरी में गिरने से घायल हो गई। जिससे कूल्हे, रीढ की हड्डी, कमर, कंधे में छोटे आई। फिर भी ये मुझे अस्पताल नहीं ले गए।

चौधरी अस्पताल में परामर्श के लिए ले गए‌। तो उन्होंने इंदौर ले जाने की सलाह दी। वहा इसका कारण पूछा तो मुझे डराते हुए कहा कि यह सब नही बताना वरना ठीक नहीं होगा। कहना कि बाथरूम में गिर गई। अस्पताल में कुल्हा बदलना पड़ा, रीढ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ और बाई जांघ का फैक्चर होने से राड डालनी पड़ी। बतादे की आलोट विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक जितेंद्र गहलोत कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत के बेटे हैं।

दिव्या ने बताया कि 26 जनवरी को स्वास्थ्य थोड़ा ठीक होने पर पुत्री ध्रुवंशी से मिलने नागदा गई तो मुझे घर में नहीं आने दिया गया। मैं स्कूल पहुंची तो वहां मना कर रखा था‌। मेरे बच्चे से भी नहीं मिलने दिया गया। इस पर निराश होकर वापस रतलाम लौट आई। इसके बाद 28 नवंबर को दहेज की राशि नहीं देने पर छोड़ देने की धमकी दे दी।

रतलाम जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि दिव्या गहलोत ने जनसुनवाई में अपनी तरफ से एक शिकायत की है। हमने अग्रिम कार्रवाई के लिए वरिष्ठ कार्यालय को प्रेषित किया है।

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