अडवानिया मामले के आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से कोसो दूर। संत श्रीश्री 1008 आनंद गिरि जी महाराज खासे आहत
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम के जो वादे किए थे वह भी नहीं किए पूरे
रतलाम- (Ratlam) दो सप्ताह से भी अधिक समय बीत जाने के पश्चात भी अभी तक पुलिस प्रशासन ग्राम अडवानिया के पंचमुखी हनुमान के श्रीश्री 1008 आनंद गिरि जी महाराज और उनके सेवादार के साथ हुए दुर्व्यवहार और जान से मारने की धमकी के आरोपियों तक नहीं पहुंच पाए हैं। इधर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम के जो वादे किए थे वह भी पूरे नहीं हुए हैं। फिर भी मैं सनातन धर्म के प्रचार के लिए लगातार लगा रहूंगा, जब तक जीवित हूं। सनातन के लिए एक सनातनी होने के नाते काम करना मेरा कर्तव्य है। मुझे मेरे इरादे से कोई डिगा नहीं सकता।
यह बात पंचमुखी हनुमान मंदिर के श्रीश्री 1008 आनंद गिरि जी महाराज ने सोमवार को मीडियाकर्मि से चर्चा करते हुए कही। वे इस बात से खासे आहट है कि 13 जून की मध्य रात्रि उन पर व सेवादार पर मंदिर परिसर के अंदर घुसकर जान से मारने की धमकी व दुर्व्यवहार किया जाना और उसके बाद रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी पुलिस ने सुरक्षा का कोई बड़ा इंतजाम नहीं किया। मीडिया से चर्चा में उन्होंने बताया कि इसी बात से आहत होकर कोई आठ दिन पूर्व रतलाम में सनातन समाज के बड़ी संख्या में संत समुदाय के लोग इकट्ठा हुए थे। व विरोध प्रदर्शन किया था। तब कुछ समय तक पुलिस में जागृति आई थी। उसके दूसरे दिन रतलाम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मंदिर पहुंचे थे और जानकारियां प्राप्त की थी। साथ ही उसे समय मुझे यह आश्वासन दिया गया था कि अब पुलिस आपकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करेगी।
महंत श्री ने मीडिया कर्मी से चर्चा के दौरान यह भी कहा कि पिछले एक सप्ताह से वे रावटी, सरवन, बोदिना व अन्य जगह पर भी धार्मिक आयोजन में जाते रहे हैं। पर कभी कोई पुलिस सुरक्षा उन्हें प्रदान नहीं की गई। पुलिस न केवल आरोपियों को पकड़ने में असफल रही बल्कि एक सनातनी संत जिसकी जान खतरे में है, उसे भी सुरक्षा नहीं दे पा रही है। खैर मुझे अपनी जान की परवाह नहीं है। पर पुलिस का यह रवैया घौर आपत्तिजनक व गलत है। इस मामले में पुलिस का पक्ष जानने के लिए सैलाना थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह गडरिया से मोबाइल पर संपर्क करना चाहा पर उनका नंबर नो रिप्लाई होने से इस खबर में पुलिस का मत नहीं दिया जा सका है।




