सैलाना में उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने की बडी कार्रवाई

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सैलाना में उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने की बडी कार्रवाई

सैलाना कृषि विस्तार अधिकारी को लोकायुक्त पुलिस ने 10 हजार की रिश्वत लेते हुए किया ट्रैप

रतलाम- (Ratlam) जिले के सैलाना में उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने कृषि विस्तार अधिकारी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़कर बड़ी कार्रवाई की है। सैलाना नगर से 12 किलोमीटर दूर ग्राम सकरावदा में खाद-बीज की दुकान का लायसेंस देने की ऐवज में आवेदक से रिश्वत ली जा रही थी। रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 15 हजार रुपए कृषि विस्तार अधिकारी मगनलाल मईडा पूर्व में ले चुका था। दुसरी किश्त लेते समय उज्जैन की लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों पकड़कर बड़ी कार्रवाई की है।

यह है पूरा मामला –

दरअसल आवेदक विजय सिंह राठौर पिता नरेंद्र सिंह राठौड़ निवासी सकरावदा तहसील सैलाना ने 26 अगस्त 2025 को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन आनंद यादव को शिकायत की थी कि उसे उसके गांव में कीटनाशक, खाद-बीज की दुकान खोलना है। जिनके लायसेंस के लिए उसने में जन सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन किया था। जुलाई में उसे लाइसेंस बनने का मैसेज मोबाइल पर मिल गया था। उक्त तीनों लाइसेंस की असल कॉपी लेने के लिए वह जब कृषि विस्तार अधिकारी सैलाना मगनलाल मईडा से मिला तो उन्होंने आवेदक से तीनों लाइसेंस की असल कॉपी देने के लिए 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। आवेदक ने जब मोलभाव किया तो कृषि विस्तार अधिकारी मगन लाल मईडा से 25 हजार रुपए पर बात बन गई। रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 21 अगस्त 2025 को आवेदक ने मगनलाल मईडा को 15 हजार रुपए दे दिए।

फिर आवेदक ने की लोकायुक्त में शिकायत-

पहली किश्त देने के पश्चात आवेदक विजय सिंह ने 26 अगस्त 2025 को लोकायुक्त पुलिस से इस मामले की पूरी शिकायत कर दी। शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक आनंद यादव ने निरीक्षक राजेंद्र वर्मा, प्रधान आरक्षक कन्हैयालाल धनगर, हितेश ललावत, आरक्षक विशाल रेशमिया, नेहा मिश्रा, नीरज राठौर की टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कर अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ने के निर्देश दिए।

यह है पल-पल की जानकारी-

आवेदन के पश्चात पूरी योजना बनाकर सुबह 7:30 बजे लोकायुक्त पुलिस का दल उज्जैन से सैलाना पहुंच चुका था। व निरंतर आवेदक विजय सिंह के संपर्क में थे। अलग- अलग गुटों में बैठकर वे कृषि विस्तार अधिकारी कार्यालय के आस-पास निगाह जमाए हुए रहे। इस बीच उन्होंने अलग-अलग बाईपास स्थित एक ढाबे पर जाकर खाना भी खाया। बाद में वे सिविल ड्रेसों में ही कृषि विस्तार अधिकारी कार्यालय के इर्द-गिर्द पूरी नजर गढाए घुमाते रहे। वे निरंतर आवेदक विजय सिंह के संपर्क में बने रहे। बाद में लगभग 2:00 बजे पश्चात जब कृषि विस्तार अधिकारी मगनलाल मईडा की गाड़ी कार्यालय पहुंची। तो उस पर भी निगाह रही। पूरी योजना के पश्चात व आवेदक विजय सिंह के मईडा के चेंबर में पहुंचने के कुछ पल पश्चात ही उनके चेंबर में घुसे एवं आवेदक से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए तत्काल मईडा को रंगे हाथों पकड़ा। जैसे ही उनके हाथ पानी में डालें तो पानी लाल हो गया। क्योंकि 10 हजार रुपए की राशि कलर लगी हुई थी। जो लोकायुक्त पुलिस ने आवेदक विजय सिंह को पूर्व में ही सुपुर्द कर दी थी। इस तरह पल-पल चले इस अभियान का अंत 2:51 पर हो गया।

उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने फिर चर्चा की मीडिया से-

लगभग 1 घंटे तक लोकायुक्त दल ने अपनी कार्रवाई संपन्न की तत्पश्चात दल के प्रभारी इंस्पेक्टर राजेंद्र वर्मा ने बाहर जाकर मीडिया से चर्चा कर सारी जानकारी दी। दल प्रभारी लोकायुक्त निरीक्षक राजेन्द्र वर्मा ने पूरी कार्यवाही करने के बाद बताया कि दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक कुल 5 घण्टे कार्यवाही चली। बाद में अधिकारी को नोटिस दे कर जमानत पर छोड़ा गया।

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