सैलाना के तत्कालीन एसडीएम के रिश्वतखोर रीडर मनीष विजयवर्गी को 4 साल की सजा

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सैलाना के तत्कालीन एसडीएम के रिश्वतखोर रीडर मनीष विजयवर्गी को 4 साल की सजा

27/Mar/2025

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम 

रतलाम (Ratlam,mp)- ट्युबवेल खनन की अनुमति के बदले रिश्वत लेने वाले रतलाम जिले के सैलाना के तत्कालीन एसडीएम के भ्रष्टाचारी रीडर मनीष विजयवर्गी को 4 साल की सजा सुनाई गई है। लोकायुक्त पुलिस ने सन 2019 में पीड़ित की शिकायत पर रिडर को टेप में रिया था।

सैलाना के तत्कालीन एसडीएम के भ्रष्टाचारी रिडर मनीष विजयवर्गीय को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश आदित्य राव ने चार साल के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर दो हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। रीडर विजयवर्गी ने ट्यूबवेल खनन की अनुमति देने के बदले आवेदक हरि वल्लभ बामनिया से 5 हजार रुपए की मांग की थी और 3 हजार रुपए में सौदा करने यह राशि लेते हुए सन् 2019 में लोकायुक्त ने ट्रेप किया था।

यह था मामला-

प्रभारी जिला अभियोजन अधिकारी गोल्डन राय ने बताया मामला सन् 2019 की जनवरी माह का है। आवेदक हरि वल्लभ बामनिया ने 31 दिसंबर 2018 को लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में लिखित शिकायत की थी कि उसने अपने प्लाट पर ट्यूबवेल खनन के लिए आवेदन दिया है। कई माह तक अनुमति नहीं दी। जब रीडर मनीष विजयवर्गीय से संपर्क किया तो उसने 5 हजार रुपए की मांग की। बाद में वह 3 हजार रुपए लेकर अनुमति देने को राजी हो गया था।

शिकायत सत्यापन के बाद 3 जनवरी 2019 को ट्रेप करने की योजना बनाई। उसे एसडीएम कार्यालय सैलाना से ही आवेदक हरि वल्लभ बामनिया से 3 हजार रुपए कि रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त के निरीक्षक वेदांत शर्मा ने ट्रेप किया था। पीड़ित ने रिश्वत की राशि 3 हजार रुपए रीडर विजयवर्गीय के हाथ में दी।इसके बाद उसने अपनी पेंट की जेब में रख ली। विवेचना के बाद आरोपी के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर लोकायुक्त ने 18 जनवरी 2023 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। विचार उपरांत विशेष न्यायालय ने विजयवर्गीय को दोषसिध्द पाते हुए। सजा से दंडित किया। प्रकरण में पैरवी विशेष लोक अभियोजक भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कृष्णकांत चौहान ने की।

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