सैलाना गौशाला में गौमाता की समाधि को लेकर विवादित रास्ता सुलझा, प्रशासन की सक्रियता से हुआ समाधान
रतलाम- (Ratlam) जिले की सैलाना गौशाला में मृत गौवंश की समाधि को लेकर पिछले कुछ महीनों से चल रहे भूमि और रास्ते के विवाद का समाधान बुधवार को स्थानीय प्रशासन की तत्परता से सुलझ गया है। बतादे कि हिन्दू संगठनों और समस्त हिन्दू समाज द्वारा कुछ माह पूर्व सैलाना एसडीएम मनीष जैन को ज्ञापन सौंपकर समाधि के लिए भूमि की मांग की गई थी।
इस पर एसडीएम मनीष जैन ने कोटड़ा ग्राम स्थित गौशाला की भूमि को समाधि के लिए उपयोग करने की अनुमति दी थी। साथ ही तहसीलदार को विवादित रास्ते की समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे। इस प्रक्रिया के तहत तहसीलदार कैलाश कन्नौज ने नियमानुसार कोटड़ा ग्राम के संबंधित भूमि स्वामियों को तहसील कार्यालय बुलाकर सहमति ली गई थी। इसके बाद रास्ते के उपयोग के लिए विधिवत आदेश जारी कर दिया गया था।
समाधि के दिन उत्पन्न हुई समस्या-
बीते 25 जून 2025 को जब मृत गौमाता को JCB के माध्यम से समाधि के लिए कोटड़ा ग्राम स्थित गौशाला की भूमि ले जाया गया, तो रास्ते में पुनः बाधा उत्पन्न की गई। भूमि स्वामियों ने मार्ग उपयोग से इनकार कर दिया। इस पर सैलाना तहसीलदार कैलाश कन्नौज व थाना प्रभारी सुरेन्द्र गड़रिया को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। प्रशासन का त्वरित हस्तक्षेप मौके पर तहसीलदार ने संबंधित भूमि स्वामियों को आश्वासन दिया कि रास्ते से होने वाले फसल नुकसान का मुआवजा उन्हें दिया जाएगा। आश्वासन के बाद रास्ता उपलब्ध करवाया गया। जिसके पश्चात हिन्दू रीति-रिवाज से गौमाता की समाधि संपन्न कराई गई।
तहसीलदार कन्नौज ने स्पष्ट किया कि कोटड़ा ग्राम स्थित गौशाला की भूमि पर भविष्य में भी यही मार्ग समाधि या अन्य कार्यों के लिए उपयोग में लाया जा सकेगा। प्रशासन द्वारा यह भी संकेत दिए कि यदि आगे फिर कोई बाधा उत्पन्न होती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसी दौरान सैलाना तहसीलदार कैलाश कन्नौज, थाना प्रभारी सुरेन्द्र गड़रिया, सैलाना पुलिस प्रशासन, गौशाला समिति के सदस्य, कोटड़ा ग्राम के ग्रामीण, सैलाना व आसपास के क्षेत्र के हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता एवं समस्त हिन्दू समाजजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




