अभिनेता धर्मेन्द्र से जुड़ी यादें ताजा हो गई, सैलाना में हुई थी साढ़े इकतालीस साल पहले उनकी फिल्म की शूटिंग

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अभिनेता धर्मेन्द्र से जुड़ी यादें ताजा हो गई, सैलाना में हुई थी साढ़े इकतालीस साल पहले उनकी फिल्म की शूटिंग

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम, ब्यूरो चीफ कृष्णकांत मालवीय।

रतलाम- (Ratlam) फरवरी 1984 में फिल्म अभिनेता धर्मेन्द्र ने फिल्म जीने नहीं दूंगा की शूटिंग के सिलसिले में सैलाना आगमन हुआ था। राजकुमार कोहली इस फिल्म के निर्माता थे। यहां अनीता राज के साथ एक रोमांटिक गाने की शूटिंग सैलाना के राजमहल के कैक्टस गार्डन में संपन्न हुई थी। एक गाना फिल्माने में लगभग सप्ताह भर लग गया था। उन दिनों पूरे मालवांचल के युवा सैलाना में बड़ी संख्या में ये शूटिंग देखने आ गए। राजमहल के बगीचे को भी खासा नुकसान पहुंचा था।

पुलिस ने जम कर लाठियां भांजी थी-

अपने चहेते अभिनेता धर्मेन्द्र को देखने के लिए इतनी भारी मात्रा ने भीड़ उमड़ी कि पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी थी। शुरू के एकाध दिन तो सब ठीकठाक रहा पर जैसे ही अखबारों के माध्यम से ये खबर फैली कि दूर दूर से लोग सैलाना आ गए। धर्मेंद्र के साथ अनीता राज के अलावा शत्रुध्न सिन्हा सह कलाकार के रूप में थे। दो कबीले की कहानी वाली इस फिल्म में धर्मेन्द्र एक कबीले के राका का रोल प्ले कर रहे थे तो दूसरे कबीले के शत्रुध्न सिन्हा शाका को रोल कर रहे थे। दोनों में मित्रता थी पर कबीलों में कोई पुरानी दुश्मनी थी। बहरहाल जब स्थिति बिगड़ने लगी तो पुलिस की लाठियां चली और कई लोग चोटिल हुए। तत्कालीन sdm चंद्रहास दुबे खुद लाठी ले कर स्थिति संभालने मैदान में आ गए थे।

पीछे के रास्ते से भी लोग गार्डन में घुसे-

राजमहल के अगले हिस्से को दो दिन बाद ही बन्द कर दिया गया तो लोगों ने पीछे के हिस्से से घुसना शुरू कर दिया। बगीचे का खूब नुकसान हुआ था तब।

दूर से तालिया बजा कर उत्साह वर्धन किया-

धर्मेन्द्र के साथ अनीता राज के इस रोमांटिक गाने के बोल हैं,याद रखना साजना, मौका दिया तो प्यार दूंगी धोखा दिया तो चक्कू मार दूंगी ने खूब तालियां बटोरी। ये पूरा गाना ही सैलाना के कैक्टस गार्डन का है। बड़ के पेड़ पर चढ़ कर अनीता राज जमीन पर कूदी और अपनी कमर में से छुरी निकाल कर धर्मेन्द्र पर तानी तो लोग रोमांचित हो गए।

बाहर आ कर अभिवादन स्वीकारा-

एक बार मुख्य मार्ग पर भारी भीड़ जमा होने की खबर जब धर्मेंद्र को मिली तो उन्होंने राजमहल के ऊपरी हिस्से से बाहर बरामदे में आ कर जनता का अभिवादन भी स्वीकार किया और फिर अंदर चले गए। बाद में यहां से पूरी टीम धार जिले के मांडू चली गई। फिल्म का बड़ा हिस्सा मांडू में शूट किया गया।

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