नानी बाई मायरा का आयोजन का समापन

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नानी बाई मायरा का आयोजन का समापन

24/Jan/2025

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम 

रतलाम (Ratlam,mp)- रतलाम शहर के कस्तूरबा नगर स्थित बगीचे में मनीषा मनोज शर्मा मित्र मंडल द्वारा नानी बाई मायरा का आयोजन का समापन शुक्रवार को हुआ। अंतिम दिन मनीष नगर मित्र मंडल, शिक्षक सांस्कृतिक मंच, भाजपा मुखर्जी मंडल, सर्व ब्राह्मण समाज के 32 प्रतिनिधिगण, राजीव नगर महिला मंडल, नर्मदेश्वर महादेव समिति, पांचाल समाज कल्याण समिति, लहसुन प्याज मंडी व्यापारी संघ, राजपूत समाज करणी सेना महिला इकाई, संघ के पदाधिकारी द्वारा पोथी पूजन कर आयोजक मनीषा शर्मा व मनोज शर्मा का सभी समाज के अध्यक्षों द्वारा शाल श्रीफल व दुपट्टा पहन कर स्वागत किया गया।

अनिरुद्ध मुरारी ने पांचवें दिन के नानी बाई मायरे में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्तिमय लीलाओं पर आधारित है। यह कथा एक भक्तिमय और अद्भुत घटना को दर्शाती है। जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्त के मान की रक्षा के लिए चमत्कार किया। कथा के अनुसार नानी बाई की शादी के बाद उसका “मायरा” (भेंट) भरने की परंपरा आई। नानी बाई के पिता नंदराम (नरसिंहदास) एक निर्धन ब्राह्मण थे और उनके पास मायरा भरने के लिए साधन नहीं थे। वे अपनी बेटी को मायरा न भर पाने की चिंता में भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना करते हैं।

श्रीकृष्ण का चमत्कार-

अंतिम दिन जब मायरा भरने का समय आता है। तब भगवान श्रीकृष्ण स्वयं ब्राह्मण के रूप में प्रकट होते हैं। वे अपने साथ अद्भुत संपत्ति, सोने-चांदी के आभूषण, अनाज, वस्त्र, और अन्य उपहार लेकर आते हैं। उन्होंने पूरे गांव और सभा को चकित कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण ने न केवल नानी बाई के मायरे को भरकर उसकी सामाजिक मर्यादा की रक्षा की। बल्कि यह भी संदेश दिया कि उनके भक्तों का मान और सम्मान उनके लिए सबसे प्रिय है।

इस कथा का संदेश है, कि सच्ची भक्ति और विश्वास के बल पर भगवान अपने भक्तों के हर संकट को हर लेते हैं। यह कथा भगवान की करुणा और उनकी लीलाओं को वर्णित करती है और यह सिखाती है कि विश्वास और भक्ति से सब संभव है। यह बात नानी बाई के मायरे में कहीं तथा बीच-बीच में मुरारी द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियों की गई। कृष्ण लीला का सजीव चित्रण किया गया। जिसमें भगवान श्री कृष्ण मामेरा लेकर आए और उन्होंने नानी बाई को मायरा पहनाया।

महापौर प्रहलाद पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा की भगवान के नाम का रसपान करवाने में इस परिवार का बड़ा सहयोग है। मैं भगवान से प्रार्थना करूंगा की इस परिवार के जीवन में हमेशा खुशियां बनी रहे और दिनों दिन उन्नति करें। आप जो चार-पांच दिन से कथा का रसपान कर रहे हैं। भगवान श्री कृष्ण आपका जीवन में खुशियां दे। साथ ही में आप सभी लोगों से एक निवेदन करूंगा की जो करता चला आ रहा हूं। आप स्वच्छता में रतलाम नगर को देश में नंबर वन लाने के लिए सहयोग दें। पॉलिथीन का उपयोग बंद कर दे, डिस्पोजल में चाय पीना बंद कर दे। घर से थैली लेकर ही सब्जी लेने के लिए जाए। पॉलिथीन का पूर्ण रूप से उपयोग बंद कर दे। इसी से गंदगी फैलती है। इसी से बीमारियां फैलती है। आप सभी का सहयोग रतलाम को देश में नंबर वन लेगा। ऐसा मुझको विश्वास है। इस शहर से आप जितना प्यार करेगे। शहर आपको उतनी उन्नति देगा।

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