सैलाना में कांग्रेस का उग्र घेराव, खाद-बिजली संकट पर फूटा किसानों का गुस्सा, पुतले को लेकर पुलिस अधिकारियों से तीखी नोकझोंक

ट्रैक्टर-ट्राली के उपर फांसी के फंदे पर झुलता मुख्यमंत्री व किसान के पुतले को पुलिस ने हटवाया
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम- (Ratlam) सैलाना विधानसभा सहित पूरे जिले में खाद और बिजली की विकराल कमी को लेकर किसानों का आक्रोश सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक हर्ष विजय गेहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस ने सैलाना में उग्र आंदोलन करते हुए एसडीएम कार्यालय का घेराव किया।
आंदोलन में सैलाना विधानसभा से हजारों की संख्या में किसान शामिल हुए, जिन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। किसानों की रैली शिवगढ़ रोड स्थित खाकी बाबा हनुमान मंदिर से प्रारंभ हुई, जहां बड़ी संख्या में किसान, कांग्रेस कार्यकर्ता व पदाधिकारी एकत्रित हुए। रैली में खाद की अनुपलब्धता और लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोल दिया।
ट्रैक्टर ट्राली के ऊपर फांसी के फंदे पर झूलता मुख्यमंत्री व किसान के पुतले को पुलिस ने हटवाया-
आंदोलन के दौरान युवक कांग्रेस ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर मुख्यमंत्री का पुतला तथा उसके सामने आत्महत्या करते किसान का प्रतीकात्मक पुतला लगाया गया था, जो किसानों की बदहाली और सरकारी संवेदनहीनता का प्रतीक था। रैली शुरू होने से पहले ही पुलिस ने पुतलों को जब्त कर लिया, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। इसी दौरान युवक कांग्रेस अध्यक्ष हनी गेहलोत और नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ल की पुलिस अधिकारियों से तीखी नोकझोंक और झड़प भी हुई, जिससे कुछ देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
एसडीएम जैन को सौंपा चेतावनी भरा ज्ञापन-
एसडीएम कार्यालय पहुंचने पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्ष विजय गेहलोत ने एसडीएम तरुण कुमार जैन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि जल्द ही क्षेत्र में खाद की पर्याप्त आपूर्ति और किसानों को नियमित बिजली नहीं दी गई, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि बोवनी के समय खाद न मिलना सीधे-सीधे किसानों को आत्महत्या की ओर धकेलने जैसा है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप आंदोलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शासन स्तर पर किसानों के साथ खुला भेदभाव किया जा रहा है। खाद का आवंटन चुनिंदा जिलों और नेताओं के क्षेत्रों तक सीमित रखा जा रहा है, जबकि आदिवासी और ग्रामीण इलाकों को जानबूझकर उपेक्षित किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी है और सिर्फ कागजी योजनाओं में उलझकर जमीनी सच्चाई से मुंह मोड़ चुकी है।
नारेबाजी से गूंज उठा सैलाना-
पूरी रैली के दौरान “खाद दो-बिजली दो”, “किसान विरोधी सरकार मुर्दाबाद” और “जब-जब सरकार सोएगी, कांग्रेस सड़क पर आएगी” जैसे नारों से सैलाना गूंज उठा।
प्रशासन रहा अलर्ट मोड पर-
आंदोलन की तीव्रता को देखते हुए प्रशासन पूरे समय अलर्ट मोड पर रहा। एसडीएम कार्यालय और प्रमुख मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति-
आंदोलन में पूर्व मंडी अध्यक्ष शेखर गेहलोत, सैलाना ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश डिंडोर, रावटी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र गरवाल, बाजना ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश डामोर, सरवन ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष छगन भगोरा, कांग्रेस नेता यूसुफ कडपा, रमेश पाठक, डीपी धाकड़ सहित बड़ी संख्या में किसान व कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रशासन और सरकार हिटलर शाही पर उतारू हैं-
प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा हैं। शासन प्रशासन पूरी तरह हिटलर शाही कर रही हैं। मुख्यमंत्री के सामने किसान की आत्महत्या का प्रतिकात्मक पुतला मोहन सरकार को नींद से जगाने के लिए था।
हर्ष विजय गहलोत, जिला कांग्रेस अध्यक्ष।










