अवैध मादक पदार्थ की तस्करी में संलिप्त आरोपियों पर पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई
रतलाम- (Ratlam) पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ की तस्करी में संलिप्त आरोपियों पर पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई। रतलाम जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार द्वारा जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अवैध मादक पदार्थ की तस्करी में संलिप्त आरोपियों पर कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाए एवं ऐसे अपराधियों को पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोध में लेकर समाज को नशा मुक्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
इसी तारतम्य में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा एवं विवेक कुमार लाल के मार्ग दर्शन में रतलाम पुलिस द्वारा लगातार निगरानी रखते हुए उन आरोपियों की पहचान की गई, जो अवैध मादक पदार्थ की तस्करी में बार-बार संलिप्त पाए गए। समाज में नशे की रोकथाम एवं अपराध पर नियंत्रण के दृष्टिगत इनका निरोध अत्यंत आवश्यक पाया गया। इसी आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर रतलाम पुलिस द्वारा निम्न आरोपियों को पिट एनडीपीएस एक्ट, 1988 के प्रावधानों के अंतर्गत निरोध में लिया गया।
इम्तियाज पिता मुमताज खान पठान, उम्र 44 वर्ष, निवासी बरखेड़ कला। आरिफ पिता बाबू खां, निवासी हतनारा थाना पिपलौदा। जाफर उर्फ मुर्गी पिता अल्लाहबक्श खान, निवासी मोचीपुरा थाना स्टेशन रोड। शाहरुख उर्फ अख्तर पिता मुख्तियार हुसैन, निवासी नीमचौक, जावरा। इन पर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही उपरांत 30 जुलाई 2025 को आरोपी इम्तियाज एवं जाफर उर्फ मुर्गी, तथा 31 जुलाई 2025 को आरोपी आरिफ एवं शाह रुख को विधिवत निरोध में लेकर केंद्रीय जेल इंदौर में दाखिल किया गया।
एडवाइजरी बोर्ड द्वारा निरोध आदेश की पुष्टि-
पिट एनडीपीएस (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) एक्ट 1988 की धारा 9 के प्रावधानों के तहत निरोध आदेश की समीक्षा न्यायाधीशों की समिति (एडवाइजरी बोर्ड) द्वारा की जाती है। शुक्रवार को हुई समीक्षा में एडवाइजरी बोर्ड ने प्रतिवेदित किया कि चारों आरोपियों को निरोध में रखने के पर्याप्त कारण पाए गए।
अतः इनके निरोध आदेश की पुष्टि करते हुए यह निर्देश दिए गए कि-
चारों आरोपियों का निरोध आदेश उनके निरोध की तिथि से 12 माह की अवधि तक प्रभावी रहेगा।
रतलाम पुलिस जिले में अवैध मादक पदार्थ की तस्करी पर सख्त नियंत्रण के लिए निरंतर कार्रवाई कर रही है। ऐसे अपराधियों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर कदम उठाए जाएंगे ताकि समाज में नशामुक्त और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।




