सैलाना उप जेल में मनाया गीता जयंती महोत्सव

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम- (Ratlam) आज दुनिया में ज्ञान के अनेक साधन उपलब्ध है। जो मानव को प्रगति तथा उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते है। सनातन संस्कृति के वेद, पुराणो में जीवन जीने की कला का ज्ञान है। लेकिन आत्मोन्नति के लिए “गीता” के समान कोई ग्रंथ नहीं है।
यह विचार गीता जयन्ती के अवसर पर उप जेल सैलाना में आयोजित समारोह में गायत्री परिवार के तहसील संयोजक कान्तीलाल राठौड़ एडवोकेट ने व्यक्त किये। आपने कहा कि गीता में अठारह अध्याय है। और गायत्री के संस्थापक पं. श्रीराम आचार्य जी ने एक – एक अध्याय का एक-एक संकल्प बना कर युग निर्माण सत् संकल्प तैयार किया जो मानव – मात्र के लिए कल्याण कारी है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी भाईयों ने सत् संकल्पों को दौहराया और हाथ उठाकर सहमति प्रदान की।
जेलर निर्भय सिंह यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि गीता पर जो सारगर्भित बाते बताई है उनको जीवन में उतारे व मानव जीवन को सफल बनावे। गायत्री परिवार का भी आभार प्रकट किया। गायत्री परिजन हरीनारायण राठौड़ सहीत बंदी तथा स्टाफ के लोग उपस्थित थे।




