प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सहयोजना का लाभ उठाएं मत्स्य पालक किसान
16/Feb/2025
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम (Ratlam,mp)- मत्स्य किसान, मछुआरे, मत्स्य पालक श्रमिक, मत्स्य विक्रेता अथवा ऐसे अन्य लोग जो सीधे मत्स्य पालन व्यवसाय कर रहे हैं एवं मत्स्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ऐसे लाभार्थियों को, हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के लिए भारत सरकार ने 8 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना का अनुमोदन प्रदान किया है।
इस योजना के तहत मुख्यतः उन्नत सेवा प्रदान करने के लिए नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मछुआरों, मत्स्य पालक किसान, मत्स्य विक्रेताओं, प्रसंस्करणकर्ताओं और मत्स्य पालन क्षेत्र से जुड़े अन्य व्यवसायियों को कार्य आधारित पहचान पत्र देकर मत्स्य उद्योग मत्स्य उत्पादन के असंगठित क्षेत्र को क्रमिक रूप से व्यवस्थित कर संगठित किया जाएगा।
इस योजना के अंतर्गत मत्स्य पालन के क्षेत्र मे सक्रिय सूक्ष्म और लघु उद्योगों को एक संस्थागत आर्थिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया जाएगा। जल कृषि बीमा की खरीदी पर, मत्स्य उत्पादन के एक चक्र की पूर्ति पर एक बार प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी, इससे रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा तथा रोजगार के इन्हीं अवसरों को बनाए रखने के लिए जल कृषि में वृद्धि होगी। लोग मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित होंगे और इस योजना का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालकों को प्रोत्साहित करना ही है।
संस्थागत ऋण के लिए दस्तावेज को तैयार करने में सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही मौजूदा 5500 मत्स्य सहकारी समितियां को व्यवसाय योजना बनाने एवं आवश्यकता आधारित जरूरत और सलाह आदि के लिए प्रति सहकारी समिति 2 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
भारत सरकार ने मत्स्य उत्पादन में नुकसान की किसी भी तरह के रिस्क को कम करने के लिए बीमा कंपनियों को समुचित जल कृषि बीमा उत्पादों का सृजन करने और परियोजना की अवधि के दौरान कम से कम 1 लाख हेक्टर जलीय कृषि क्षेत्र को सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा है, इसके अंतर्गत जलीय कृषि बीमा उत्पादों का लाभ उठाने के बारे में प्रोत्साहित करने के अंतर्गत मत्स्य पालक इच्छुक किसानों को चार हेक्टेयर और उससे कम जल विस्तार क्षेत्र का विकास करने पर बीमा कवर प्रदान किया जाएगा साथ ही मत्स्य उत्पादन के एकं चक्र के लिए एकमुश्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
इसके अंतर्गत जल विस्तार क्षेत्र को प्रति हेक्टेयर 25 हजार रुपए की राशि तथा प्रीमियम राशि की लागत का 40 प्रतिशत प्रदान किया जाएगा। एक मत्स्य किसान ‘को अधिकतम चार हेक्टेयर क्षेत्र तक देय प्रोत्साहन राशि के अंतर्गत 1 लाख रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति और महिला मत्स्य लाभार्थियों को को सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की तुलना में 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।




