संवाद, समय और सम्मान ही परिवार की सबसे बड़ी ताकत है, रिश्तों को अहमियत देना जरूरी

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संवाद, समय और सम्मान ही परिवार की सबसे बड़ी ताकत है, रिश्तों को अहमियत देना जरूरी

रतलाम- (Ratlam) आनंद विभाग रतलाम द्वारा विश्व परिवार दिवस 32 सदस्यों वाले रूपवर्षा प्रतिष्ठान के गांधी परिवार के साथ मनाया गया। राज्य आनंद संस्थान की जिला समन्वयक सीमा अग्निहोत्री ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य परिवार के महत्व को बढ़ावा देना और परिवार के सदस्यों के बीच प्यार और सहयोग को मजबूत करना है।

रतलाम में डालू मोती बाजार के रूपवर्षा प्रतिष्ठान के शांतिलाल गांधी के 4 पीढ़ी के कुल 32 सदस्य एक साथ संयुक्त परिवार में रह रहे हैं, जिसमें परिवार की 77 वर्षीय मुखिया कोमल गांधी और सबसे छोटे सदस्य 3 वर्षीय रियांश गांधी सम्मिलित हैं। परदादी कोमल गांधी ने आनंद विभाग के साथ अपने सुख और दुख के समय को याद किया कि तब घर के सारे काम खुद ही करने पड़ते थे लेकिन फिर भी वो जमाना याद आता है। बच्चों के फिल्म देखकर आने पर दादी के चुपचाप दरवाजा खोलने की घटना को बताते हुए खिलखिला कर हंसने लगी। उन्होंने बताया कि सम्मान और प्यार किसी भी परिवार को जोड़े रखने में सबसे जरूरी है। जब परिवार में बहू को भी बेटियों की तरह उनके नाम से बुलाया जाता है तो उन्हें अधिक अपनापन लगता है। बहु संध्या गांधी ने बताया कि परिवार में बच्चों को दादी से विशेष लगाव रहता है ,जो संयुक्त परिवार में ही संभव है। विनिशा गांधी ने कहा कि जब परिवार के सदस्य एक साथ रहते हैं तो हर दिन उत्सव लगता है।

आनंद विभाग की मास्टर ट्रेनर सीमा अग्निहोत्री, पुष्पेंद्र सिंह सिसौदिया, ईश्वर सिंह राठौर धर्मा कोठारी, ईश्वर सिंह राठौर, सुरेंद्र अग्निहोत्री, विनोद पाटीदार, अशोक मेहता ने गांधी परिवार से मिलकर परिवार की एकजुटता पर चर्चा की।परिवार की बहुओं ने आनंद विभाग के साथ मनोरंजक गतिविधि का आनंद लिया। कार्यक्रम के अंत में कुश गांधी ने राज्य आनंद संस्थान का आभार व्यक्त किया।

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