बाल विवाह और बाल श्रम निषेध पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

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बाल विवाह और बाल श्रम निषेध पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

15/Jan/2025

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम 

रतलाम (Ratlam,mp)- जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस के मार्ग दर्शन एवं सहयोग से वसुधा विकास संस्थान द्वारा बाजना जनपद पंचायत सभाकक्ष में बाल विवाह और बाल श्रम जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन की गई। कार्यशाला का आयोजन जनपद अध्यक्ष कैलाश मुनिया के मुख्य आतिथ्य में किया गया। जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस की राष्ट्रीय टीम से उपस्थित जुनेद एवं शेरोन, कार्यशाला में बाल कल्याण समिति, महिला एवं बाल विकास विभाग और कई विभागों के प्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय को बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करना और इनसे शेरोन बचाव के उपायों पर चर्चा करना था। कार्यशाला की शुरुआत कार्यक्रम के अतिथियो द्वारा सरस्वती पूजन से हुई। कार्यक्रम में बाजना जनपद अध्यक्ष कैलाश मुनिया, महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी बाजना अंकिता पंड्या, बाल कल्याण समिति सदस्य मनमोहन चौहान, ममता भंडारी और ममता यूनिसेफ के जिला समन्वयक सुनील सेन उपस्थित रहे। जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस से उपस्थित जुनेद ने संगठन पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। बाल विकास परियोजना अधिकारी अंकिता पंड्या ने बताया कि बालश्रम का मुख्य कारण गरीबी एवं अशिक्षा है। इसे दूर करने के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने होंगे, एवं बच्चो को शिक्षा से जोड़ना होगा। साथ ही बाल विवाह को रोकने के लिए माता-पिता के साथ किशोरी बालिकाओं को भी समझाना चाहिए कि यह अवस्था पढ़ाई करने की है। किशोरावस्था में हमे गलत रास्ते को चुनकर भटकना नहीं है। छोटे बच्चो के साथ यौन अपराध नही हो। इसके लिए उन्हें गुड टच और बेड टच के बारे में बताना चाहिए। किसी 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे को कही काम करते देख 1098 चाईल्ड हेल्प लाइन पर सूचना देना चाहिए। साथ ही बच्चे का क्या हुआ, यह भी देखना चाहिए। यदि बाल श्रमिक को रोजगार से मुक्त करेंगे तो वह अपराध की और जा सकता है। ममता भंडारी ने बाल विवाह और बाल श्रम के कानूनी प्रावधानों और उनके दुष्प्रभावों के साथ यौन हिंसा पर विस्तृत रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों से इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर अपने सवाल रखे और समाधान प्राप्त किए। वसुधा विकास संस्थान के परियोजना समन्वयक भास्कर देव परिहार ने बाल श्रम एवं बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं इस पर हमारे नैतिक एवं कानूनी दायित्वों पर बात कही। इस प्रकार के प्रयास बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में सहायक हैं। अंत में सभी प्रतिभागियों ने इस अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में वसुधा विकास संस्थान के उमेश मेड़ा, शंकर मेड़ा, कलावती चारेल, कमला मेड़ा, मुकेश सोलंकी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की सेक्टर सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकता एवं सहायिका मौजूद रही।

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