ग्राम करिया में अतिवृष्टि से फसलों में हुई नुकसानी को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियो एवं वैज्ञानिको ने किया सर्वे किया

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ग्राम करिया में अतिवृष्टि से फसलों में हुई नुकसानी को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियो एवं वैज्ञानिको ने किया सर्वे किया

रतलाम- (Ratlam) बुधवार को सैलाना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करिया में अतिवृष्टि से खरीफ फसलों में हुई नुकसानी को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियो एवं वैज्ञानिको ने सर्वे किया है। जिसमें मौके पर 95 प्रतिशत नुकसान पाया गया।

कृषि विभाग रतलाम ए.डी.ए.भी का वास्के, कृषि विज्ञान केंद्र वैज्ञानिक सी.आर.कांटवा, सैलाना कृषि विस्तार अधिकारी सोनिया सिसोदिया ने मौके पर सर्वे कर बताया की इस वर्ष किसानो की फसले 95 से 100 प्रतिशत अतिवृष्टि से ख़राब हो चुकी है। साथ ही कृषि विभाग के अधिकारियो ने फसलो की पूर्ण बीमा राशि दिलाने का वादा भी किया है एवं मौके पर उन्होंने बताया की फसल बीमा कंपनी एजेंट एवं पटवारी भी मौके पर जाकर सर्वे करें एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को फसल बीमा दिलवाएं।

इस अवसर पर उपस्थित वन पर्यावरण संरक्षण जिला सदस्य प्रहलाद पाटीदार ने बताया कि हर वर्ष अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि के द्वारा होने वाले नुकसान के विषय में खरीफ एवं रबी फसलों का कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारीयों द्वारा मौके पर नुकसान का आकलन किया जाता है। जिसमें विगत कई वर्षो मे किसानो की फसले 90 से 95 प्रतिशत ख़राब हुई है। फिर भी आज दिनों तक गांव करिया के किसानो को फसल बीमा राशि का प्रतिशत के आधार अनुसार बिमा राशि नहीं मिल रही है। जबकि किसान प्रति वर्ष बीमा की प्रीमियम राशि बैंक मे जमा कर रहा है और प्रति वर्ष किसान शिकायत करते है की पास के गावों मे फसल बीमा दिया जा रहा है।लेकिन गांव करिया मे फसले ख़राब होने के बाद भी नहीं दिया जा रहा है।

पिछले कई वर्षों में 2017-2018 में किसानों के खातों में फसल बिमा कंपनी ने डाला था। उसके बाद इस वर्ष 2025 में 8 सालों में फसल बीमा राशि कुछ ही किसानों के खातों में जमा हुई है वो भी सिर्फ बिमा कंपनी द्वारा काटी जा रही प्रीमियम का ब्याज भी नहीं है। इसका जवाब ना तो कृषि विभाग के अधिकारी देते है। ना राजस्व विभाग वाले ना बीमा कंपनिया वाले देते है और ना ही प्रीमियम काटने वाली बैंक इसका जवाब दे पा रहे। प्रीमियम जमा करवा लिया जाता है और फसल ख़राब होने पर सब हाथ खड़े कर लेते है, इसी लिए किसान इस वर्ष भी अधिकारियो के प्रति बहुत नाराज है और आक्रोशित भी है। देश के किसान को देश को पालने वाला अन्नदाता कहा जाता है। इस अवसर पर उपस्थित मांगीलाल पाटीदार,बलराम पाटीदार, छगनलाल भगोरा, शंकर लाल पाटीदार, दशरथ पाटीदार, दिनेश पाटीदार, आदि किसान उपस्थित रहे।

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