अवैध वसूली का गढ़ बना सैलाना “आरटीओ बैरियर”, शिकायत मिलते ही विधायक डोडियार ने आरटीओ बैरियर का किया निरीक्षण


मीडिया के सवालों से बचता नजर आया अमला, कार्यप्रणाली पर उठे तीखे सवाल
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम- (Ratlam) नियमों के नाम पर मनमानी, पारदर्शिता के नाम पर चुप्पी और जवाबदेही के नाम पर गोलमोल जवाब—सैलाना आरटीओ बैरियर की कार्यप्रणाली इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। क्षेत्र में लगातार मिल रही अवैध वसूली की शिकायतों के बीच आरटीओ बैरियर अब जनता और मीडिया दोनों की नज़र में कटघरे में खड़ा दिखाई दे रहा है।
इन्हीं शिकायतों के संदर्भ में विधायक कमलेश्वर डोडियार द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान तथा उसके बाद जब मीडिया ने वाहनों से वसूली की प्रक्रिया, चालान की वैधानिकता, प्रतिदिन की कार्रवाई और नियमों के आधार को लेकर सवाल किए, तो बैरियर पर तैनात कर्मचारी सीधे जवाब देने से बचते नजर आए। अधिकांश प्रश्नों पर गोलमोल, टालमटोल भरे और असंतोषजनक जवाब दिए गए, जिससे यह धारणा मजबूत हुई कि सब कुछ नियमों के अनुसार नहीं चल रहा।
स्थानीय वाहन चालकों और परिवहन से जुड़े लोगों का आरोप है, कि बैरियर पर नियमों की आड़ लेकर वाहनों को अनावश्यक रोका जाता है और छोटी-छोटी तकनीकी त्रुटियों को बड़ा बताकर वसूली की जाती है। कई मामलों में चालान की राशि, धारा और प्रक्रिया तक स्पष्ट नहीं की जाती, जिससे आम नागरिक खुद को डरा हुआ और मजबूर महसूस करता है। मीडिया के सवालों से बचने और जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने का रवैया यह संकेत देता है कि आरटीओ बैरियर की कार्यप्रणाली पारदर्शिता की कसौटी पर खरी नहीं उतर रही।
हालांकि रिकॉर्ड संधारण, सीसीटीवी निगरानी और शिकायत निवारण को लेकर प्रशासनिक निर्देशों का हवाला दिया जा रहा है, लेकिन ज़मीनी हालात इन दावों से मेल खाते नजर नहीं आते। निरीक्षण के बाद भी ठोस सुधार या जवाबदेही की कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई।




