रतलाम डीआरएम ऑफिस पर सेकंडों किसानों का हंगामा प्रदर्शन

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रतलाम डीआरएम ऑफिस पर सेकंडों किसानों का हंगामा प्रदर्शन

जमीन अधिग्रहण को लेकर नाराज किसानों ने दिया धरना देकर ज्ञापन दिया

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम 

रतलाम- (Ratlam) डीआरएम ऑफिस के बाहर किसानों हंगामा कर अपनी धरती माता अपनी जमीन के अधिग्रहण को लेकर नाराज किसानों ने धरना और प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया।दरअसल रतलाम-नागदा नई रेल लाइन परियोजना मे तीसरी और चौथी रेल लाइन के लिए अधिग्रहण की जाने वाली भूमि को लेकर आज किसानों ने रतलाम मे मण्डल रेल प्रबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारी किसान रतलाम से नागदा के बीच जिन गांवो से होकर यह रेल लाइन गुजरेगी वहा के निवासी थे. ये सभी किसान शुक्रवार सुबह 11 बजे स्थानीय नेहरू स्टेडियम के सामने एकत्रित हुए. यहाँ से सभी किसान रैली के रूप मे मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पहुंचे। किसानों ने यहाँ जमकर नारेबाजी की। किसान मंडल रेल कार्यालय परिसर मे जमीन पर बैठ गए। किसानो के आने की सुचना पर मंडल रेल प्रबंधक अश्विन कुमार निचे आये. किसानों से चर्चा कर उनकी बात को सुना. किसानों ने मंडल रेल प्रबंधक अश्विनी कुमार को ज्ञापन दिया।

ज्ञापन मे किसानों का कहना है, रतलाम से नागदा नई रेल लाइन बिछाने के लिए रेलवे विभाग द्वारा जिस भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है. वह अधिकांशतः अत्यंत उपजाऊ एवं किसानों की जीविका का मुख्य आधार है। वर्तमान सर्वे में जिन खेतों को अधिग्रहण में लिया जा रहा है, वे आर्थिक दृष्टि से कीमती एवं उत्पादक भूमि है. जिस पर सैकड़ों किसान परिवार निर्भर हैं।दीपा खेड़ी क्षेत्र में जो ओवर ब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है, उससे भी बड़ी संख्या में किसान प्रभावित हो रहे हैं। इस निर्माण के कारण व्यापक भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसे पुनः विचार कर निरस्त किया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि अनावश्यक रूप से अधिक भूमि अधिग्रहित न हो।

ज्ञापन मे यह भी मांग की गई की नई रेल लाइन को वर्तमान पुरानी लाइन के समीप से ही निकाला जाए। दो नई लाइने भी यदि आवश्यक हों, तो दोनों ओर से वर्तमान लाइन के पास ही निकाली जा सकती हैं। इससे पहले से अधिकृत रेलवे भूमि का उचित उपयोग हो जाएगा, किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि बच जाएगी, सैकड़ों किसानों का आजीविका संकट नहीं होगा। भूमि अधिग्रहण का दायरा भी कम हो जाएगा।

किसानों ने ज्ञापन मे वर्तमान सर्वे का पुनः परीक्षण कराया जाए, किसानों की उपजाऊ भूमि को अधिग्रहण से बचाया जाए, ओवर ब्रिज जैसे प्रस्तावों पर पुनर्विचार कर उन्हें निरस्त किया जाए, तथा जिन किसानों की भूमि, घर अधिग्रहित की जा रही है, उन्हें उचित पुनर्वास, नौकरी, अथवा स्थायी पुनर्स्थापना की व्यवस्था प्रदान की जाए। आपकी कृपा से सैकड़ों किसान परिवारों की आजीविका सुरक्षित रहेगी। किसानों के इस प्रदर्शन मे नागदा, खाचरोद और रतलाम ग्रामीण क्षेत्र के प्रभावित गांवो के किसान बड़ी संख्या मे शामिल हुए थे अब किसानों की सुनवाई होती है या वहीं यह वक्त बताएगा और अगर किसानों की मांगें नहीं मानी जाती है तो प्रभावित किसानों का आगे क्या कदम उठाएंगे देखना दिलचस्प होगा।

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