प्रशासन गांव की ओर अभियान अंतर्गत सिमलावदा क्लस्टर की 24 ग्राम पंचायतों मे हुई जन सुनवाई
प्रशासन गांव की ओर अभियान में प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे गांव में, मौके पर ही आमजन की समस्या सुनी और निराकरण किया। स्कूल, आंगनबाड़ी, उचित मूल्य दुकान, अस्पताल एवं निर्माण कार्यो का किया निरीक्षण।
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम

रतलाम- (Ratlam) भारत सरकार एवं राज्य सरकार की चिन्हित फ्लैगशिप योजनाओं में शत् प्रतिशत सेचुरेशन प्राप्त करने के लिए सुशासन माह अंतर्गत ‘‘प्रशासन गांव की ओर अभियान’’ के तहत शुक्रवार को सभी जिला स्तरीय अधिकारियों ने सिमलावदा क्लस्टर अंतर्गत चिन्हित 24 ग्राम पंचायत बदनारा, बिलपांक, चोराना, दंतोडीया, ढिकवा, नौगांवाजागीर, इटावामाताजी, झरखेड़ी, सिनोद कोटड़ी, प्रीतमनगर सालाखेड़ी अम्बोदिया, बिरमावल, धोलका, जमुनिया, मऊ, पीपलखूंटां, पिपलोदी, रत्तागढ़खेड़ा, सरवड़, सिमलावदा, सुजलाना, उमरथाना मे पहुँच कर आमजन की समस्याएं सुनी एवं समाधान योग्य समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया एवं जिला स्तर एवं राज्य स्तर से समाधान योग्य समस्याओं को अनुश्रुवण पंजी मे दर्ज किया गया।
क्लस्टर पंचायत मुख्यालय सिमलावदा पर सभी 24 पंचायतों के नोडल अधिकारीयों की कलेक्टर मिशा सिंह द्वारा ग्राम पंचायतवार समीक्षा की गई। कार्यक्रम मे सीईओ जिला पंचायत वैशाली जैन, एसडीएम ग्रामीण विवेक सोनकर सहित जिला स्तरीय नोडल अधिकारी एवं मैदानी शासकीय सेवक उपस्थित थे।
‘‘प्रशासन गांव की ओर अभियान’’ के तहत कलेक्टर मिशा सिंह एवं सीईओ जिला पंचायत वैशाली जैन प्रशासनिक अमले के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंची। उन्होंने ग्राम सालाखेड़ी पंचायत स्तर पर आयोजित प्रशासन गांव की ओर अभियान के दौरान आम जन से चर्चा की। ग्रामीण जनों ने बताया कि ग्राम में स्वामित्व योजना के ऑनलाइन पोर्टल में नक्शे की स्थिति अव्यवस्थित होने के कारण नामांतरण होने में समस्या हो रही है। कलेक्टर ने मामले में राजस्व अधिकारियों को राज्य स्तर से समस्या का निराकरण करवाने के निर्देश दिए। ग्राम में नाली निर्माण की प्रशासकीय और तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के आधार पर काम चालू करने के निर्देश सचिव को दिए। उन्होंने कहा कि दीवारों पर निर्माण कार्य की लंबाई चौड़ाई एवं स्वीकृति आदि की तारीख चस्पा करें।
खाद्यान्न पर्ची के लिए आवेदन के मामले में कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण जनों को आवागमन में समस्या नहीं हो ग्राम स्तर पर ही समस्या का निराकरण किया जाए। ग्रामीण जनों द्वारा नई आबादी क्षेत्र में बिजली की समस्या स्कूल बिल्डिंग की समस्या, आंगनबाड़ी पुरानी होने की समस्या के बारे में अवगत कराया गया। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग संपत्ति कर एवं जलकर की राशि जमा करें ताकि पंचायत अपने स्तर पर आय अर्जित करके आमजन को अधिक से अधिक सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही प्रदान कर सके। नल की पाइपलाइन संबंधी कार्य के विषय में उन्होंने ठेकेदार से आवश्यक समन्वय करके शीघ्र कार्य पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। आयुष्मान योजना के पात्र हितग्राहियों को कार्ड प्रदान किए।
शासकीय एकीकृत हाई स्कूल इटावामाताजी का निरीक्षण किया-

ग्राम के शासकीय एकीकृत हाई स्कूल ईटावामाताजी में निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों से चर्चा की तथा इंटरनेट का उपयोग अपनी पसंद के विषय पर आधारित पाठ्य सामग्री का अध्ययन करने के लिए कहा। स्कूल में वॉशरूम का निरीक्षण किया तथा स्कूल की बाउंड्री वालों हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए । शिक्षकों की ई अटेंडेंस की जानकारी भी प्राप्त की।
उचित मूल्य की दुकान का निरीक्षण किया-

इटावा में उचित मूल्य की दुकान का निरीक्षण किया। उन्होंने उचित मूल्य की दुकान पर प्राप्त राशन गेहूं और चावल का आवंटन वितरण स्टार्ट भाव सूची आदि का सूक्ष्म निरीक्षण किया तथा राशन तुलवाया और वजन आधारित पुष्टि की। उन्होंने गेहूं और चावल का गुणात्मक परीक्षण करने के लिए निर्देशित किया। ग्राम में चौराहे से पुरानी पंचायत तक बन रहे सीसी रोड की लंबाई नापने के भी निर्देश दिए।
शासकीय प्राथमिक विद्यालय इटावामाताजी का निरीक्षण-

कलेक्टर ने प्राथमिक विद्यालय ईटावामाताजी के निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन को चखकर गुणवत्ता देखी एवं गेहूं चावल की गुणवत्ता देखी। रसोईयनो से साफ सफाई के बारे में चर्चा की। किचन मे भोजन मेन्यु अनुसार बनना पाया गया।ईटावामाताजी मंदिर परिसर में निर्माणाधीन मांगलिक भवन के निर्माण कार्य का निरीक्षण करके कार्य एक महीने में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी केन्द्र बिलपांक मे भोजन की गुणवत्ता देखी एवं बच्चों से फीडबैक लिया-

ग्राम बिलपाक में कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 2 का निरीक्षण किया। बच्चों को दिए जा रहे टेक होम राशन की स्थिति जांची। आंगनबाड़ी केंद्र पर दिए जा रहे भोजन को स्वयं चखकर देखा। कुपोषित बच्चों की सूची चेक करके मध्य कुपोषित बच्चों का वजन एवं ऊंचाई समक्ष में चेक कराई और बच्चों का फॉलोअप करने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों की कम उपस्थिति के संबंध में नाराजगी व्यक्त की और उपस्थिति रजिस्टर में पूरी एंट्री नहीं होने के कारण नोटिस देने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी केंद्र का रसोई घर देखा, बच्चों के शौचालय संबंधी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए तथा जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर के साथ जिला कार्यक्रम अधिकारी, सीडीपीओ का मोबाइल नंबर भी अंकित करने के निर्देश दिए।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिलपांक का निरीक्षण किया-

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिलपांक में पहुंचकर प्रधानमंत्री टी बी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत पोर्टेबल एक्स-रे मशीन स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध कराने तथा मानव संसाधन को उचित प्रकार से नियोजित करने के लिए कहा। उन्होंने गर्भवती महिलाओं और प्रसूता महिलाओं के रजिस्टर का सूक्ष्म परीक्षण किया।
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की लाइन लिस्टिंग चेक करते हुए वेटिंग रूम में हाई रिस्क महिलाओं को सेवाएं प्रदान करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के रेफरल के कारणों का अवलोकन किया, 108 एम्बुलेंस द्वारा मरीजों द्वारा कॉल करने के समय और अस्पताल में पहुंचने के समय का रिकॉर्ड रखने के लिए कहा। दवाइयां के स्टोर रूम में विभिन्न दवाइयां इंजेक्शन सिरप चेक किए। स्थानीय स्टोर कीपर द्वारा रिकॉर्ड नहीं रखे जाने के कारण नोटिस देने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में ओपीडी के समय का प्रदर्शन करने के लिए कहा। एंटी रेबीज दवाई की उपलब्धता , अस्पताल में होने वाले प्रसव की संख्या एवं एंटी रैबीज इंजेक्शन के उपयोग की फ्रीक्वेंसी की भी चर्चा की। बिलपांक में विरुपाक्ष महादेव मंदिर में दर्शन कर विधि विधान से पूजा आरती की तथा परिसर में निर्माण कार्य के संबंध में एसडीएम को आवश्यक निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत बिलपांक का निरीक्षण किया-

ग्राम पंचायत बिलपांक मे संधारित की जाने वाली पंजीयो का अवलोकन किया। कलेक्टर ने पंचायत में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्लान बनाने के लिए कहा।
कलेक्टर ने क्लस्टर सिमलावदा में 113 कृषकों को केसीसी किए वितरित-
प्रशासन गांव की ओर अभियान“ अंतर्गत 12 दिसंबर को सिमलावदा क्लस्टर पंचायत मुख्यालय पर शिविर में 113 कृषकों को 1 करोड़ राशि के केसीसी कार्ड कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह एवं स्थानीय प्रतिनिधियों के माध्यम से वितरित किए गए। साथ ही शिविर में कलेक्टर ने निर्देश दिये कि आगामी दिवसों में विभिन्न पंचायतों में शिविर का आयोजन करके किसानों को 0 प्रतिशत ब्याज दर ऋण के लिए केसीसी कार्ड वितरण किए जाए जिससे अधिक से अधिक किसानी को लाभ हो सके।





