महाआंदोलन के पहले ही पुलिस ने सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार को किया गिरफ्तार, गिरफ्तारी के बाद गरमाया महौल,कार्यकर्ताओं ने पुलिस को खुब छकाया।
11/Dec/2024
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम (mp)-मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के सैलाना विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक कमलेश्वर डोडियार को पुलिस ने महाआंदोलन से पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह बात जब विधायक समर्थकों को पता चली तब गिरफ्तारी के बाद सैलाना में भारी बवाल मचना शुरू हुआ। पुलिस की कड़ी नाका बंदी के बाद भी विधायक के समर्थक पैदल ही खेत खलियान से होते हुए। रतलाम की ओर निकल पड़े।
रतलाम जिले के सैलाना विधान सभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक कमलेश्वर डोडीयार लगातार सुर्खियों मे बने रहे है। बीते कुछ दिनो पहले जिला शासकीय अस्पताल रतलाम मे विधायक डोडीयार के निरिक्षण के दौरान ड्यूटी डॉक्टर कृपाल सिंह राठौर से कहां सुनी हो गई थी और दोनों एक दूसरे पर खूब बरसे थे। उसी मामले को लेकर स्टेशन रोड़ थाने पर दोनों ने अपनी-अपनी एफ.आई.आर दर्ज करवाई गई थी। इसी को लेकर के विधायक डोडीयार ने रतलाम मे महाआंदोलन की घोषणा करते हुए। रतलाम कलेक्टर के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। रतलाम कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए। 11 दिसंबर के महाआंदोलन की अनुमति को भी निरस्त की गई थी। बुधवार को विधायक डोडीयार द्वारा रतलाम में सुबह महाआंदोलन की तैयारी मे लगे हुए थे। ओर जब उनके द्वारा महाआंदोलन का प्रयास किया गया तो पुलिस ने उन्हें मौके से गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार की गिरफ्तारी से सैलाना में भारी बवाल मचा। यह खबर जैसे ही उनके समर्थकों में फैली क्षेत्र में गोया भूचाल सा आ गया। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार और डॉक्टर विवाद के पश्चात उपजे विवाद के चलते सैलाना में माहौल गर्म रहा। उधर रतलाम में जैसे ही विधायक कमलेश्वर डोडियार की गिरफ्तारी की खबर प्रकाश में आई। उसके पश्चात उनके समर्थक भड़क गए। बड़ी तादाद में बाईपास पर इकट्ठा होकर विभिन्न वाहनों से रतलाम की ओर कूच करते आदिवासियों को पुलिस अधिकारीयों ने समझाने बुझाने की कोशिश की पर फिर भी कई समर्थक अपने नेता से मिलने के लिए वाहनों से उतरकर पैदल ही रतलाम की और कूच कर गए। हालांकि स्थिति नियंत्रित और शांतिपूर्ण बताई जा रही है।

विधायक की गिरफ्तारी के बाद सैलाना में गरमाया माहौल-
सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार और डॉक्टर विवाद के पश्चात उपजे विवाद के चलते सैलाना में बुधवार को माहौल गर्म रहा। उधर रतलाम में जैसे ही विधायक कमलेश्वर डोडियार की गिरफ्तारी की खबर प्रकाश में आई उसके पश्चात उनके समर्थक भड़क गए। बड़ी तादाद में बाईपास पर इकट्ठा होकर विभिन्न वाहनों से रतलाम की ओर कूच करते आदिवासियों को पुलिस अधिकारीयों ने समझाने बुझाने की कोशिश की पर फिर भी कई समर्थक अपने नेता से मिलने के लिए वाहनों से उतरकर पैदल ही रतलाम की और कूच कर गए। हालांकि स्थिति नियंत्रित और शांतिपूर्ण बताई जा रही है।
खूब छकाया पुलिस को-

सुबह से ही सैलाना एसडीएम मनीष जैन, एसडीओपी नीलम बघेल सदल बल अमले के साथ मोचन पर तैनात थे। प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अनहोनी की आशंका के चलते रतलाम- बांसवाड़ा मार्ग एवं बायपास मार्ग पर जगह-जगह बैरिकेट्स लगाकर चेक पोस्ट बनाए गए थे। भारी तादाद में हर जगह पुलिस बल की तैनाती थी।
हमें भी जेल में डाल दो-

पुलिस द्वारा रोके जाने पर विधायक समर्थकों ने विधायक के पक्ष में नारे लगाते हुए कहा कि उनको भी जेल में डाल दिया जाए। उनके नेता के साथ में वे भी जेल में रहेंगे। जब उन्होंने समझाया गया कि विधायक जी ठीक है, फिलहाल वे कानून अपने हाथ में ना ले। तब जाकर मामला शांत हुआ। फिर भी कई समर्थक पुलिस को छकाते हुए दूसरे अन्य रास्तों से रतलाम की ओर निकल ही पड़े।
वाहनों की चेकिंग चलती रही-

सुबह से ही पुलिस बल द्वारा जगह-जगह बने हुए पॉइंट पर यात्री बसों एवं अन्य वाहनों की चेकिंग कि जाती रही। लगातार चल रही इस चेकिंग से कई लोग परेशान भी होते रहे।
आम नागरिक होते रहे परेशान-

जरूरी कामों के लिए रतलाम जाने वाले आम नागरिक एवं दो पहिया वाहन चालक इस महा आंदोलन के चलते परेशान होते रहे। हर चौराहे पर बने हुए चेक पोस्ट पर रुक-रुक कर जांच करवाते रहे। लोगों को इस आंदोलन से तकलीफें हुई। कई लोग बीमारी का इलाज करने जा रहे थे। उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। उधर धामनोद के सांईं बाबा मंदिर में भंडारे में शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालु इस स्थिति के कारण भंडारे में नहीं पहुंच पाए।बहरहाल सैलाना एसडीएम मनीष जैन एवं एसडीओपी नीलम बघेल का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और सब कुछ सामान्य है।
राजस्थान के बड़े नेताओं को रोका-

उधर राजस्थान के बड़े नेताओं ने जब सरवन की तरफ से सैलाना में प्रवेश करने का प्रयास किया तो मध्य प्रदेश की सीमा में घुसते ही वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया। राजस्थान के नेताओं में बाप पार्टी के सांसद और विधायक भी थे। यहां पर उनकी पुलिस अधिकारियों से गर्मा गर्म बहस भी हुई,पर उन्हें साफ तौर पर कह दिया गया कि वाहन यही रखकर पैदल जा सकते हैं। लेकिन उन्हें वाहन से रतलाम जाने की इजाजत नहीं है ऐसा ऊपर से आदेश है। काफी बहस के पश्चात भी जब उनको मध्य प्रदेश में प्रवेश नहीं करने दिया गया तो वे वापस अपने गंतव्य की ओर निकल गए।





