सैलाना सब जेल में ब्रम्हाकुमारी रजनी बहन ने बंदियों को बांधी राखी

"जानकारी अच्छी लगी? इसे अपने दोस्तों से साझा करें।"

सैलाना सब जेल में ब्रम्हा कुमारी रजनी बहन ने बंदियों को बांधी राखी

रतलाम- (Ratlam) रक्षाबंधन शब्द में प्रयुक्त बंधन शब्द किसी संकल्प से बंधे हुए होने का सूचक है लेकिन यह अत्यंत सकारात्मक भाव को लिए हुए हैं। रक्षाबंधन हमें स्वतंत्रता देता है कि हम इस दायित्व बोध के योग्य बने ताकि हम अपने पराक्रम व अपनी प्रतिभा द्वारा दूसरों की रक्षा कर सकें यह विचार सब जेल सैलाना में परिरूद्ध बंदियों के साथ रक्षाबंधन मनाते हुए ब्रम्हाकुमारी रजनी बहन ने व्यक्त किये।

इस अवसर पर गायत्री परिवार के कांतिलाल राठौड़ एडवोकेट ने बंदियों को कहा कि रक्षाबंधन के पर्व पर हम अपने परंपरागत मूल्यों से ऊर्जा ग्रहण करते हैं और उससे अपने जीवन को अनुप्राणित करते हैं। रक्षा करने का भाव एक ऐसा भाव है जो हमें अपने कर्तव्य को निभाने की प्रेरणा तो देता ही है। वही दूसरों को भी निर्भयता प्रदान करने की स्वतंत्रता देता है। इस त्यौहार के पीछे व्यापक संदेश निहित है। इसमें बहन की रक्षा,परिवार की रक्षा, समाज की रक्षा, देश की रक्षा, पर्यावरण की रक्षा, अपनी संस्कृति की रक्षा के भाव भी सम्मिलित हैं। वह सब जेल के जेलर निर्भय सिंह यादव ने अपने उद्बोधन में राखी के महत्व को बताते हुए कहा कि आज हम संकल्प ले कि अपने दुराचरण व बुराइयों से अपनी रक्षा करेंगे व समाज में अच्छे नागरिक की तरह जीवन जिएंगे। अंत में माउंट आबू आश्रम से आई राखियां सभी बंदियो के हाथों में बांधी गई और मिठाइयां खिलाई। इस अवसर पर ईश्वर पाटीदार, मुस्कान पाटीदार, समस्त सब जेल स्टाफ आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *