मुआवजे कि मांग- सैलाना में अतिवृष्टि व कड़वे पानी की बरसात से किसानों के खेतों की फसले बिगड़ी

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मुआवजे कि मांग- सैलाना में अतिवृष्टि व कड़वे पानी की बरसात से किसानों के खेतों की फसले बिगड़ी

रतलाम- (Ratlam) इन दिनों लगातार हो रही तेज मूसलाधार बारिश ने किसानों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। अतिवृष्टि व बीच में खराब पानी बरसने के कारण सैलाना में कई काश्तकारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अनेक खेतों में बोए गए बीजों का अंकुरण ही अब तक नहीं हुआ। ऐसे कई काश्तकारो ने मौसम के बनते बिगड़ते मिजाज से पीड़ित होकर प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई।

इस मर्तबा समय से पूर्व बे मौसम भारी बारिश और बीच में खराब पानी बरसने की शिकायतें प्रकाश में आई। सैलाना क्षेत्र के कई गांवों में एवं सैलाना में कई काश्तकार इस मौसम के बनते बिगड़ते मिजाज से पीड़ित है‌। उनका कहना है कि बीजों का अंकुरण नहीं हुआ और अब दोबारा बोवनी करना पड़ेगी। जिसमें अतिरिक्त खर्च आएगा और मजदूरी भी अतिरिक्त लगेगी।

किसान संतोष पाटीदार, सुखदेव पाटीदार, धुलचन्द्र पाटीदार, पिंटुराम पाटीदार, मुकेश पाटीदार, ओम प्रकाश पाटीदार, बाबुलाल चोधरी, राजाराम पाटीदार, भरत लाल पाटीदार ने मीडिया को बताया कि 15 जून को किसानों ने अधिकतर खेतों में बोवनी कर दी थी। लेकिन उसके बाद अतिवृष्टि और कड़वे पानी की बरसात के कारण कहीं-कहीं तो बीज अंकुरित ही नहीं हुए और कहीं अंकुरित होने के बाद भी फसल सूख गई है। उधर ना तो बीमा कंपनी वाले ओर ना हीं प्रशासन, ना ही कृषि विभाग के अधिकारी इस बात की सुध ले रहे हैं कि किसानों की पीड़ा क्या है? किसानो ने सभी संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई की तुरंत पीड़ित किसानों के खेतों में जाकर नुकसानी का आकलन कर मुआवजा दिलवाले ताकि किसानों की समस्या का निराकरण हो सके।

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी यादवेंद्र सिंह निनामा ने मीडिया को बताया कि यदि किसानों का फसल बीमा है तो बीमा कंपनी से मुआवजे की राशि दिलवाई जाएगी। फिलहाल किसान अपनी नुकसानी की जानकारी विभाग को देवें एवं जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करे। ताकि उन्हें उनकी नुकसानी का पर्याप्त मुआवजा दिलवाया जा सके। कृषि विभाग पूरे क्षेत्र में निगरानी रखे हुए हैं। और किसान जब चाहे तब विभाग को जानकारी देकर लाभ पा सकते हैं।

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